बरेली में मुस्लिमों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई का पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल
- प्रकाशित 28 मई 2026, 15h15
- 3 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
उत्तर प्रदेश के बरेली में मुस्लिम प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का महीनों पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट में फिर से इस गलत दावे से शेयर किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद "मुस्लिम राष्ट्र-विरोधियों" द्वारा "बांग्लादेश ज़िंदाबाद" के नारे लगाने पर पुलिस कार्रवाई दिखाता है. जबकि यह क्लिप सितंबर 2025 से ही खबरों में प्रसारित हो रहा है.
वीडियो को 14 मई 2026 को फ़ेसबुक पर शेयर किया गया है जिसका कैप्शन है: "पश्चिम बंगाल में कुछ शांतिदूत बांग्लादेश जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे. लेकिन वो भूल गए थे कि अब मोमिना बानो की सरकार नहीं है शुभेंदु अधिकारी की सरकार है. पुलिस ने जो खातिरदारी की है उसे देखकर आनंद आ गया."
वीडियो में पुलिसकर्मियों को सड़क के बीच खड़ी भीड़ पर लाठीचार्ज कर उन्हें हटाते और तितर-बितर करते हुए देखा जा सकता है.
वीडियो इसी तरह के फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पोस्ट्स में भी शेयर किया गया है.
इनमें से एक पोस्ट पर एक यूज़र ने कमेंट किया, "जिहादी गद्दारों के लिए यही सही सज़ा है."
एक अन्य ने लिखा, "बंगाल पुलिस ने सही किया, जिन्हें बांग्लादेश से प्यार है, वे भारत छोड़ दें."
भारतीय जनता पार्टी द्वारा पश्चिम बंगाल के राज्य चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने, और 2011 से सत्ता में रही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाने के बाद से ही यह क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है (आर्काइव्ड लिंक).
चुनाव के बाद हुई हिंसा में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई -- जिनमें पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के एक करीबी सहयोगी भी शामिल हैं (आर्काइव्ड लिंक).
हालांकि स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया कि चुनाव के बाद हुए हमलों में मुस्लिम समुदाय और उनकी संपत्ति को निशाना बनाया गया, लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा यह वीडियो कई महीने पुराना है और इसे पश्चिम बंगाल में नहीं फ़िल्माया गया है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के की-फ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 26 सितंबर 2025 की एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें इसी तरह का वीडियो प्रकाशित किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
एनडीटीवी की इस रिपोर्ट की हेडलाइन है: "'आई लव मुहम्मद' विवाद बढ़ा, उत्तर प्रदेश में तनाव, बरेली में झड़प, पुलिस का लाठीचार्ज."
यह वायरल क्लिप उस रिपोर्ट में 2:40 मिनट के टाइम स्टाम्प पर देखी जा सकती है.
"आई लव मुहम्मद" विवाद कानपुर में विरोध प्रदर्शनों से शुरू हुआ, जब पुलिस ने इस नारे वाले पोस्टरों को हटा दिया -- इस कार्रवाई के बाद राज्य के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन भड़क उठे (आर्काइव्ड लिंक).
बरेली में पुलिस द्वारा प्रदर्शन को तितर-बितर करने का वीडियो स्थानीय न्यूज़ रिपोर्ट्स में भी शेयर किया गया था (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
इसके अलावा, वायरल हो रहे वीडियो में दिखने वाला इलाका गूगल स्ट्रीट व्यू पर बरेली की तस्वीरों से मेल खाता है (आर्काइव्ड लिंक).
AFP ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल चुनावों से जुड़े अन्य फ़र्ज़ी दावों का खंडन किया है.
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