पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन के दावे से शेयर किया गया वीडियो असल में बांग्लादेश के जुलूस का है
- प्रकाशित 28 मई 2026, 14h43
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा सड़कों पर नमाज़ पढ़ने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा के बाद कोलकाता में विरोध प्रदर्शन की कई खबरें सामने आईं. हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल एक फ़ुटेज ऐसे किसी प्रदर्शन का नहीं बल्कि पड़ोसी बांग्लादेश के चटोग्राम में एक वरिष्ठ राजनेता के अंतिम संस्कार के बाद निकाली गई शोभायात्रा दिखाता है.
सड़क पर मार्च करते और नारे लगाते लोगों की भीड़ का यह वीडियो 16 मई, 2026 को फ़ेसबुक पर शेयर किया गया था.
पोस्ट का कैप्शन और वीडियो के ऊपर लिखा टेक्स्ट है, "कोलकाता में सड़क पर नमाज़ को लेकर बवाल नए सरकार के आदेश के खिलाफ मुसलमानों का धमकी भरा प्रदर्शन!"
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा सड़क किनारे नमाज़ पर प्रतिबंध की घोषणा की गई, जिसके बाद से यह वीडियो फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X जैसे अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर शेयर किया गया (आर्काइव्ड लिंक).
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल के राज्य चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 2011 से सत्ता में रही ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बाहर का रास्ता दिखा दिया. सड़को पर नमाज़ को प्रतिबंधित करना भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक है (आर्काइव्ड लिंक).
इस प्रतिबंध के बाद कोलकाता के रेड रोड पर वर्षों से हो रही ईद की नमाज़ पर भी रोक लग जाएगी (आर्काइव्ड लिंक).
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की इस घोषणा के बाद, कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में विरोध प्रदर्शन भड़क उठा, जिसे स्थानीय मीडिया ने मुस्लिम-बहुल क्षेत्र बताया (आर्काइव्ड लिंक). प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़कें जाम करने के कारण पुलिस के साथ झड़पें हुईं, जिसमें तीन अधिकारी घायल हुए और कम से कम 20 लोगों को गिरफ़्तार किया गया.
लेकिन वायरल वीडियो नमाज़ पर रोक के विरोध में हुए प्रदर्शन नहीं दिखाता है.
बांग्लादेश का वीडियो
गलत दावे के साथ शेयर किए गए वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर 14 मई को फ़ेसबुक पर शेयर किया गया एक समान फ़ुटेज मिला (आर्काइव्ड लिंक).
इसके बंगाली भाषा के कैप्शन में कहा गया है कि इसमें इंजीनियर मोशर्रफ हुसैन को अंतिम विदाई देते हुए भीड़ दिखाई दे रही है.
मोशर्रफ हुसैन बांग्लादेश के एक अनुभवी राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व अवामी लीग मंत्री थे, जिनका 13 मई को 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया (आर्काइव्ड लिंक).
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो में दिखाई दे रहे एक दुकान के साइनबोर्ड का उपयोग करके AFP ने फ़ुटेज को जियोलोकेट किया जिससे पता चला इसे बांग्लादेश के चटोग्राम में फ़िल्माया गया था.
फ़र्ज़ी क्लिप में दिख रहें दृश्य, चटोग्राम क्षेत्र के गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी से मेल खाते हैं (आर्काइव्ड लिंक).
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट्स के अनुसार 14 मई को चटोग्राम, बांग्लादेश में इंजीनियर मोशर्रफ हुसैन के अंतिम संस्कार में हज़ारों समर्थक और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
AFP ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल राज्य चुनावों से संबंधित अन्य गलत दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.
कॉपीराइट © एएफ़पी 2017-2026. इस कंटेंट के किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत पड़ेगी. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.