थाईलैंड और जापान के वीडियो को फ़िलीपींस में आए भूकंप से जोड़कर शेयर किया गया
- प्रकाशित 19 जून 2026, 09h37
- 4 मिनट
- द्वारा Livia LIU, Chayanit ITTHIPONGMAETEE, Akshita KUMARI, एफप हॉन्ग कॉन्ग, एफप थाईलैंड, एफप भारत
दक्षिणी फ़िलीपींस में 8 जून को 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे कई इमारतें ढह गईं और सुनामी की चेतावनी जारी की गई. लेकिन सोशल मीडिया पर जो वीडियो भूकंप के असर के तौर पर शेयर किए जा रहे हैं, वे असल में थाईलैंड और जापान में फ़िल्माए गए थे. इनमें 28 मार्च, 2025 को थाईलैंड में आए भूकंप से क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच का एक पुल और 2 जून, 2026 को जापान के मियाज़ाकी प्रान्त के तट पर उठती ऊंची लहरें दिखाई दे रही हैं.
इंस्टाग्राम पर 9 जून, 2026 को शेयर किए गए एक वीडियो का कैप्शन है, "7.8 तीव्रता के भूकंप ने हिला दी गगनचुंबी इमारतें."
वीडियो में दो ऊंची इमारतों को जोड़ने वाले स्काईब्रिज से मलबा गिरते देखा जा सकता है.
दूसरी वीडियो भी 9 जून को इंस्टाग्राम पर शेयर की गई, जिसमें कथित तौर पर फ़िलीपींस में 7.8 तीव्रता वाले भूकंप का असर दिखाया गया है.
इस वीडियो में समुद्र तट की ओर बढ़ती हुई बड़ी लहरें दिखाई दे रही हैं.
यह दोनों वीडियो समान दावों के साथ फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X पर भी शेयर किए गए थे.
8 जून को दक्षिणी फ़िलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के तट पर आए 7.8 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
इस भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं, बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ और फ़िलीपींस तथा पड़ोसी देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई.
लेकिन वायरल हो रहे वीडियो असल में थाईलैंड और जापान में शूट किए गए थे.
बैंकॉक की इमारत
स्काईब्रिज से मलबा गिरते हुए पहले वीडियो के की-फ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 29 मार्च, 2025 को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्था ABC News के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर पब्लिश किया गया फ़ुटेज मिला (आर्काइव्ड लिंक).
इसके डिस्क्रिप्शन में बताया गया है कि यह वीडियो थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में ऊंची अपार्टमेंट इमारतों को जोड़ने वाले एक पुल को हुए नुकसान को दिखाता है, जो पड़ोसी देश म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कारण हुआ था.
28 मार्च, 2025 को आए इस भूकंप में म्यांमार में 3,800 से ज़्यादा और थाईलैंड में लगभग 90 लोगों की मौत हो गई थी (आर्काइव्ड लिंक).
इस नुकसान को एक अलग एंगल से भी फ़िल्माया गया था, जिसे लोकल मीडिया और एएफ़पी द्वारा उपलब्ध तस्वीरों में देखा जा सकता है (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी द्वारा जारी तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, "लक्ज़री 'पार्क ओरिजिन थोंगलोर' कॉन्डोमिनियम का टूटा हुआ कनेक्टिंग ब्रिज खतरनाक तरीके से लटक रहा है; यह मध्य म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता वाले भूकंप की तबाही का एक बड़ा सबूत है."
सोशल मीडिया पर वायरल फ़ुटेज इन इमारतों की गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी से मेल खाता है (आर्काइव्ड लिंक).
मियाज़ाकी का समुद्री तट
बड़ी लहरों वाला दूसरा क्लिप 3 जून, 2026 को भारतीय मीडिया संस्थान 'टाइम्स नाव' के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
पोस्ट का कैप्शन है, "भले ही टायफ़ून जांगमी गुज़र गया हो, लेकिन जापान के दक्षिणी तट पर इसका असर अभी भी महसूस किया जा रहा है, जहां मियाज़ाकी प्रान्त के निचिनान शहर में ज़बरदस्त लहरें टकरा रही हैं."
गूगल पर रिवर्स इमेज और कीवर्ड सर्च करने पर वही फ़ुटेज मिली जो 2 जून को थ्रेड्स पर शेयर की गई थी (आर्काइव्ड लिंक).
जापानी भाषा में लिखे कैप्शन में कहा गया है, "तूफ़ान गुज़र जाने के बाद मियाज़ाकी प्रांत का निचिनान शहर अब धूप से जगमगा रहा है. लेकिन समुद्र और नदियां अभी भी बहुत उफ़ान पर हैं."
उसी यूज़र ने गलत दावे का खंडन करते हुए अंग्रेज़ी में एक और पोस्ट शेयर किया (आर्काइव्ड लिंक).
पोस्ट में लिखा है, "यह वीडियो फ़िलीपींस में भूकंप से आई सुनामी का नहीं है. इसमें 2 जून को जापान से टकराए टायफ़ून नंबर 6 की वजह से उठी लहरें दिखाई गई हैं."
"इसे मैंने ही शूट किया था. मैं मीडिया की गलत जानकारी और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता. कृपया इसे तुरंत ठीक करें."
जापान में टायफ़ून नंबर 6 के नाम से मशहूर तूफ़ान जांगमी ने देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में भारी तबाही मचाई, जिसमें 15 लोग घायल हो गए और बाढ़ व भूस्खलन के खतरे के चलते लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना दी गई (आर्काइव्ड लिंक).
तूफ़ान के कारण हज़ारों घरों की बिजली गुल हो गई और सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी गईं.
वायरल हो रहा वीडियो हिरोटो नदी के मुहाने के पास फ़िल्माया गया है और यह उस क्षेत्र की गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी से मेल खाता है (आर्काइव्ड लिंक).
प्राकृतिक आपदाओं के बाद अक्सर पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावों के साथ शेयर किए जाते है. AFP ने पहले भी ऐसे पोस्ट्स को फ़ैक्ट चेक किया है जिनमें पुराने फ़ुटेज को हाल ही में फ़िलीपींस में आए भूकंप के असर के तौर पर गलत दावे से फैलाया गया था.
कॉपीराइट © एएफ़पी 2017-2026. इस कंटेंट के किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत पड़ेगी. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.