ट्रैक्टर रैली का पुराना वीडियो 'कॉकरोच जनता पार्टी' के लिए समर्थन के दावे से शेयर किया गया

ऐसे समय पर जब नई दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले छात्र बड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर महीनों पुराना एक वीडियो इस गलत दावे के साथ शेयर किया गया कि किसानों का एक हुजूम CJP के समर्थन में ट्रैक्टरों से दिल्ली की ओर जा रहा है. वीडियो वास्तव में सितंबर 2025 में मध्य प्रदेश में एक प्रस्तावित बांध परियोजना के खिलाफ़ विरोध करने जा रहे किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान फ़िल्माया गया था.

जून 28, 2026 को शेयर किए गए एक फ़ेसबुक पोस्ट पर लिखे टेक्स्ट में कहा गया, "अब होगा असली जंग CJP को मिला किसानों का समर्थन."

वीडियो में भगवा झंडे लगे ट्रैक्टरों का काफ़िला सड़क पर चलता दिखाई दे रहा है.

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर AFP द्वारा X साइन जोड़ा गया है

वीडियो ऐसे समय वायरल हो रहा है जब सैकड़ों छात्र जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं; छात्र शिक्षा व्यवस्था में कथित मौजूदा खामियों, खासकर NEET पेपर लीक मामले के लिए उन्हें ज़िम्मेदार मानते हैं (आर्काइव्ड लिंक). 

मई 2026 में पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके के एक X पोस्ट से शुरू हुई CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर अब 22 मिलियन से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं, जो भाजपा के फ़ॉलोअर्स संख्या से 13 मिलियन ज़्यादा है. CJP अब देश भर के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन कर रही है.

क्लिप को समान दावों के साथ  इंस्टाग्राम और फ़ेसबुक पर भी शेयर किया गया.

पोस्ट में किया गया दावा 2021 में कृषि कानूनों के खिलाफ़ भारतीय किसानों के विरोध-प्रदर्शनों से समानता दिखाने की कोशिश करता है (आर्काइव्ड लिंक). 

जबकि संयुक्त किसान मोर्चा, जिसने 2021 के किसान आंदोलन का नेतृत्व किया था, ने इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए CJP के विरोध प्रदर्शन का आधिकारिक तौर पर समर्थन किया है, वायरल वीडियो में किसान जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते हुए नहीं दिख रहे हैं (आर्काइव्ड लिंक).

असंबंधित वीडियो

वीडियो के कीफ़्रेम्स का उपयोग करके गूगल पर  रिवर्स इमेज और कीवर्ड सर्च करने पर वही वीडियो 24 सितंबर, 2025 को यूट्यूब पर पोस्ट किया गया मिला (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो का कैप्शन है, "किसान एकता जिंदाबाद जय जवान जय किसान".

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और सितंबर 2025 में पोस्ट किए गए वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

वीडियो में दिख रहे तथ्यों से पता चलता है कि इसे मध्य प्रदेश के गुना में शूट किया गया था, जो दिल्ली से लगभग 451 किलोमीटर दूर है. यह फ़ुटेज गुना में नेशनल हाईवे 48 की Google Street View की तस्वीरों से भी मेल खाता है (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और गूगल स्ट्रीट व्यू स्क्रीनशॉट की तुलना, AFP द्वारा हाइलाइटेड सामान तत्व के साथ

आगे कीवर्ड सर्च करने पर 23 सितंबर, 2025 की एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिली, जिसमें उसी जगह का अलग एंगल से लिया गया एक वीडियो शेयर किया गया है (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो पर लिखे टेक्स्ट का एक हिस्सा कहता है, "डैम के विरोध में".

सम्बंधित कीवर्ड सर्च से सितंबर 2025 की एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया था कि मध्य प्रदेश के कई गांवों के किसान पार्वती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना के अंतर्गत एक प्रस्तावित बांध के विरोध में ट्रैक्टर रैली निकालकर गुना पहुंचे थे (आर्काइव्ड लिंक). विरोध कर रहे किसानों का कहना था कि इस परियोजना से उनकी उपजाऊ ज़मीन छिन जाएगी.

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