सोशल मीडिया पोस्ट्स में इंडोनेशियाई राष्ट्रपति का मोदी को नेहरू संबोधित करने वाला दावा गलत है
- प्रकाशित 17 जुलाई 2026, 14h35
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, AFP भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा पर गए थे. लेकिन सोशल मीडिया पर किए जा रहे ये दावे गलत हैं कि सुबियांतो ने गलती से मोदी को नेहरू कहकर संबोधित किया. इंडोनेशिया के एक ब्रॉडकास्टर द्वारा जारी वीडियो और सुबियांतो के भाषण के आधिकारिक ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि उन्होंने मोदी को सही नाम से संबोधित किया था, साथ ही यह भी बताया कि देश ने पहले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की भी मेजबानी की थी.
फ़ेसबुक पर 8 जुलाई, 2026 को एक वीडियो शेयर किया गया जिसका कैप्शन है, "इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह जवाहरलाल नेहरू का स्वागत किया. इस अनपेक्षित गड़बड़ी के कारण सोशल मीडिया पर मीम्स और मज़ेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई; यूज़र्स मज़ाक में कह रहे हैं कि इतिहास ने अचानक वापसी की है."
पोस्ट में एक 14 सेकंड का वीडियो शामिल है जिसमें राष्ट्रपति सुबियांतो अपने भाषण के बीच में बहासा इंडोनेशिया में बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं: "...यह पुरस्कार भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी दिया गया है."
वीडियो के ऊपर अंग्रेज़ी में लिखा है, "इंडोनेशिया के राष्ट्रपति: 'प्रधानमंत्री नेहरू जी का स्वागत है.' बजाय मोदी के."
यही वीडियो समान दावों के साथ उस दौरान ऑनलाइन शेयर किया गया जब मोदी 6 जुलाई से इंडोनेशिया की तीन दिन की यात्रा पर गए थे – यह इंडो-पैसिफ़िक क्षेत्र के तीन देशों के दौरे का पहला चरण था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड भी शामिल थें (आर्काइव्ड लिंक).
इस यात्रा के दौरान, भारत इंडोनेशिया को लॉन्ग-रेंज मिसाइल्स देने पर सहमत हुआ. प्रधानमंत्री मोदी अहम खनिजों -- जिनका इंडोनेशिया में भरपूर उत्पादन होता है -- और स्टील के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर भी सहमत हुए (आर्काइव्ड लिंक).
सुबियांतो ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में मोदी के योगदान के लिए उन्हें इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंटांग आदिपूर्णा' से भी सम्मानित किया (आर्काइव्ड लिंक).
हालांकि, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने मोदी को नेहरू के नाम से संबोधित नहीं किया था.
गलत संदर्भ
वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर इंडोनेशियाई ब्रॉडकास्टर 'Kompas TV' द्वारा 7 जुलाई को यूट्यूब पर पोस्टेड एक लंबा वीडियो मिला (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो का कैप्शन है, "प्रबोवो ने पैलेस में मुलाकात के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिंटांग आदिपूर्णा पुरस्कार से सम्मानित किया."
वीडियो में, सुबियांतो ने मोदी का इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में स्वागत करते हुए और देश के सर्वोच्च राजकीय और नागरिक सम्मान, बिंटांग आदिपूर्णा को स्वीकार करने के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए अपना भाषण शुरू किया.
यूट्यूब पर मिली वीडियो के 6 मिनट 26 सेकंड के मार्क पर -- जो कि गलत दावे से शेयर किये गए क्लिप से मेल खाता है -- वो कहते हैं कि भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू को भारत-इंडोनेशिया के संबंधों को मज़बूत करने के लिए वही पुरस्कार दिया गया था.
नेहरू को यह सम्मान दिसंबर 1995 में मरणोपरांत दिया गया था, जब इंडोनेशिया अपनी आज़ादी के 50 साल पूरे होने का जश्न मना रहा था (आर्काइव्ड लिंक).
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी 7 जुलाई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सुबियांतो का भाषण प्रकाशित किया (आर्काइव्ड लिंक). इसमें साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि नेहरू के बारे में बात करने से पहले उन्होंने मोदी का ज़िक्र किया था.
इंडोनेशिया में AFP के पत्रकार ने भी इसकी पुष्टि की कि इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने गलती से मोदी को नेहरू नहीं कहा था.
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