कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के साथ खड़े पूर्व मुख्य न्यायाधीश की तस्वीर गलत दावे से वायरल

कॉपीराइट AFP 2017-2022. सर्वाधिकार सुरक्षित.

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर हज़ारों बार शेयर की जा चुकी है जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि हाल ही में नुपुर शर्मा को फटकार लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के जज जे.बी. पार्डीवाला कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं. इसके साथ ये भी दावा किया जा रहा है कि ये पूर्व में कांग्रेस के विधायक और गुजरात विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं. हालांकि दावा गलत है, ये तस्वीर वास्तव में भारत के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन की है.

तस्वीर में एक व्यक्ति को सोनिया गांधी का अभिवादन करते करते देखा जा सकता है, जिसे फ़ेसबुक पर 2 जुलाई 2022 को शेयर किया गया है.

तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है, “यह रहा जस्टिस जे बी पादरीवाला जिन्होंने रियाज के हाथ में गर्दन काटने वाली चाकू के लिए नूपुर शर्मा को जिम्मेदार बताया. ये माननीय 80 के दशक में कांग्रेसी MLA रहे और गुजरात के सातवें विधानसभा में स्पीकर भी रहे है, दस जनपथ के हुक्म पे दुम तो हिलाएगा ही. सोचिए कि भारत की न्यायपालिका की साख का दम क्यों घुट रहा.”

1 जुलाई 2022 को सुप्रीम कोर्ट के दो जज, जस्टिस पार्डीवाला और जस्टिस सूर्य कांत, ने पैगंबर मुहम्म्द पर टिप्पणी के बाद देश भर में फैली हिंसा का अकेला जिम्मेदार नुपुर शर्मा को बताया और ये भी कहा कि उन्हे पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिये.

Screenshot of the false post taken on July 4, 2022.

इसी दावे के साथ इस तस्वीर को फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां, यहां शेयर किया गया है.

हालांकि ये दावा गलत है; ये तस्वीर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की है.

जस्टिस के जी बालाकृष्णन

तस्वीर को कीवर्ड के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर ये हमें मार्च 2020 की एक ट्विटर पोस्ट में शेयर की गई मिली. इस ट्वीट में व्यक्ति की पहचान भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन के रूप में की गई है.

आगे और कीवर्ड्स के साथ खोजने पर हमें फ़ोटो एजेंसी गेटी इमेजेज की वेबसाइट पर 18 नवंबर, 2019 को पोस्ट की गई एक ऐसी ही तस्वीर मिली.

तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा है: "भारत के नए मुख्य न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन को रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी द्वारा बधाई दी जा रही है. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी राष्ट्रपति भवन में बालाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे. 14जनवरी, 2007, नई दिल्ली."

इस तस्वीर का क्रेडिट हिंदुस्तान टाइम्स के फ़ोटो पत्रकार संजीव वर्मा को दिया गया है.

गेटी इमेजेज की फ़ोटो में बालाकृष्णन और सोनिया गांधी को बिल्कुल एक ही जगह पर एक ही कपड़ों में देखा जा सकता है जो गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट में भी दिख रहे हैं.

नीचे AFP द्वारा चिह्नित की गई समानता के साथ गलत दावे से शेयर की जा रही पोस्ट (बाएं) और गेटी इमेजेज (दाएं) द्वारा अपलोड की गई तस्वीर के एक स्क्रीनशॉट की तुलना है:

Screenshot comparison of the image in the false post (left) and the photo uploaded by Getty images (right), with similarities marked out by AFP

संजीव वर्मा ने 8 जुलाई को AFP को बताया कि तस्वीर में सोनिया गांधी का अभिवादन कर रहे व्यक्ति बालाकृष्णन ही हैं.

उन्होंने कहा, "मैंने 2007 में जस्टिस बालाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में जस्टिस बालाकृष्णन से सोनिया गांधी के मुलाकात की यह तस्वीर ली थी. मैंने उस दौरान इस कार्यक्रम की कई और तस्वीरें भी ली थीं. वह न्यायमूर्ति बालाकृष्णन हैं, पार्डीवाला नहीं.”

भारत के राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट के अनुसार जस्टिस बालाकृष्णन को बतौर मुख्य न्यायाधीश 14 जनवरी, 2007 को नियुक्त किया गया था और 12 मई, 2010 को वे सेवानिवृत्त हुए थे.

बालाकृष्णन की अन्य तस्वीरें यहां AFP के आर्काइव पर देखी जा सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार जस्टिस पार्डीवाला के पिता बुर्जोर कावासजी पार्डीवाला, जो एक वकील भी थे, दिसंबर 1989 से मार्च 1990 तक की अवधि के लिए 7 वीं गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहें.

हमने गुजरात विधानसभा के स्पीकरों की सूची में बुर्जोर कावासजी पार्डीवाला का नाम भी खोजा. वेबसाइट में जनवरी 1990 से मार्च 1990 के बीच राज्य की 8वीं विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में उनके नाम का उल्लेख है.

नूपुर शर्मा विवाद