अमेरिकी झंडा हटाने का पुराना वीडियो न्यूयॉर्क के नए मेयर ज़ोहरान ममदानी से जोड़कर वायरल

डेमोक्रेटिक कैंडिडेट ज़ोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क का मेयर चुने जाने के बाद से सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया है कि न्यूयॉर्क में मुसलमानों द्वारा अमेरिकी झंडा फाड़ा जा रहा है. हालांकि वीडियो वास्तव में नवंबर 2023 में अमेरिका में फ़िलिस्तीन-समर्थक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को दिखाता है.

फ़ेसबुक पर नवंबर 7, 2025 को एक वीडियो शेयर की गई है जिसका कैप्शन है, "न्यूयॉर्क शहर में मुसलमान अमेरिकी झंडे फाड़ रहे हैं. मुझे लगता है कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ज़ोहरान ममदानी कैसे और क्यों चुने गए."

कैप्शन में आगे कहा गया है, "इस्लाम यहाँ एकीकरण के लिए नहीं है, यह यहाँ शांति से रहने के लिए नहीं है. इस्लाम अमेरिका को उखाड़ फेंकने और हमें शरिया कानून के तहत एक इस्लामी राज्य में बदलने के लिए है."

पोस्ट में शेयर किये गए 26 सेकंड के वीडियो में एक व्यक्ति खंभे पर चढ़कर अमेरिकी झंडे को उतारकर फेंकते दिखाई दे रहा है.

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

ये क्लिप डेमोक्रेटिक उम्मीदवार  ज़ोहरान ममदानी के न्यूयॉर्क सिटी मेयर चुनाव जीतने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट्स पर शेयर की जा रही है  (आर्काइव्ड लिंक).

ममदानी ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू क्यूओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा को हराया, जिसके बाद वह शहर के पहले मुसलमान और दक्षिण एशियाई मूल के मेयर बने (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो को फ़ेसबुक, इंस्टाग्रामथ्रेड्स और X पोस्ट्स पर भी शेयर किया गया, और यूज़र्स द्वारा किए गए कमेंट्स से पता चलता है कि वे घटना को सच मान रहे हैं.

एक यूज़र ने लिखा: "अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने हमेशा से ही इन आतंकियों को गोद में बैठाया है. अब भुगतो."

एक अन्य ने कमेंट किया, "आतंकवादियों की पनाहगाह बनेगा अमेरिका का न्यूयॉर्क सिटी."

हालांकि, अमेरिकी झंडा फाड़ते व्यक्ति का ये वीडियो असल में एक पुरानी घटना दिखाता है.

गलत दावे से शेयर की गई वीडियो के की-फ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से नवंबर 11, 2023 को यूट्यूब पर शेयर की गई वही क्लिप मिली, जो गाज़ा में इज़रायल और हमास के बीच युद्ध छिड़ने के लगभग एक महीने बाद शहर में भड़के एक फ़िलिस्तीन-समर्थक विरोध प्रदर्शन से संबंधित थी (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो का शीर्षक है, "प्रो-फ़लस्तीनी प्रदर्शनकारियों ने वेटरन्स डे पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के झंडों का अपमान किया."

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और यूट्यूब वीडियो (दाएं) की स्क्रीनशॉट तुलना

फ़ॉक्स न्यूज़ और अन्य मीडिया संस्थानों ने अलग-अलग दिशा से ली गई घटना के कई फ़ुटेज शेयर किए हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

कई समाचार रिपोर्ट्स में विरोध प्रदर्शन का विस्तृत विवरण भी दिया गया था (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी ने "अमेरिकी झंडा हटाने" के दावे वाला वीडियो पहले भी फ़ैक्ट-चेक किया है, जब ममदानी ने 24 जून को न्यूयॉर्क शहर के डेमोक्रेटिक मेयर पद के प्राइमरी जीत हासिल की थी.

उसी दौरान जुलाई 1, 2025 को भेजे गए एक ईमेल में, न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने एएफ़पी को पुष्टि की कि यह घटना 10 नवंबर, 2023 को देर रात ईस्ट 43वीं स्ट्रीट और लेक्सिंगटन एवेन्यू के कोने पर हुई थी.

NYPD ने बताया कि 17 साल के युवक को हिरासत में लिया गया, जब उसने करीब 10 फीट ऊंचाई पर चढ़कर खंभे के ऊपर लगे कई झंडे उतार दिए थे.

उसी झंडों से सजे लैम्प पोस्ट और उस व्यक्ति की तस्वीरें तुर्की की समाचार एजेंसी अनादोलू के फ़ोटोग्राफ़र सेलचुक अकर द्वारा 10 नवंबर को ली गई तस्वीरों में भी दिखती हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी ने अमेरिकी राजनीति से जुड़े अन्य  गलत दावों को यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.

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