नेपाल चुनाव से पहले किए गए सेना के मॉक ड्रिल का वीडियो गलत दावे से वायरल
- प्रकाशित 11 जून 2026, 14h39
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
बंगाल चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद राज्य ने बांग्लादेश के साथ अपनी सीमा पर घुसपैठ-रोधी अभियान तेज कर दिया है. हालांकि, एक खेत में सैनिकों द्वारा भीड़ पर हथियार ताने जाने का वीडियो इस कार्रवाई से संबंधित नहीं है; असल फ़ुटेज फ़रवरी 2026 में नेपाल सेना द्वारा किए गए एक मॉक ड्रिल का है, जो पिछले वर्ष जेन-ज़ी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में होने वाले पहले चुनावों से पहले किया गया था.
सोशल मीडिया साइट X पर 3 जून, 2026 को शेयर की गई पोस्ट का कैप्शन है, "बांग्लादेश सीमा पर, जो लोग बाड़बंदी के काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें BSF की स्पष्ट चेतावनी मिली: पहली गोली घुटने के नीचे लगेगी. अगली शायद सीने को चीर दे."
संलग्न वीडियो -- जिसे 2,500 से ज़्यादा बार शेयर किया गया है -- धूल भरे मैदान में सैनिकों को भीड़ पर हथियार ताने हुए दिखाता है.
पोस्ट में आगे लिखा है, "अगर बांग्लादेश अपनी जनता को नियंत्रित नहीं कर सकता, तो भारत अपने सीमाओं की रक्षा करना और व्यवस्था बनाए रखना अच्छी तरह जानता है."
पश्चिम बंगाल सरकार ने नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ़) को जमीन हस्तांतरित करना शुरू कर दिया है (आर्काइव्ड लिंक).
भाजपा ने पश्चिम बंगाल के राज्य चुनावों में भारी बहुमत से जीत हासिल करते हुए 2011 से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके बाद से सरकार ने राज्य में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं पर कार्रवाई शुरू कर दी है (आर्काइव्ड लिंक).
राज्य ने ज़िला प्रशासनों को डिपोर्टेशन की प्रतीक्षा कर रहे "पकड़े गए विदेशियों" के लिए "होल्डिंग सेंटर" स्थापित करने का निर्देश दिया है. इस आदेश के बाद सैकड़ों बांग्लादेशी भारत-बांग्लादेश सीमा चौकी पर अपने देश लौटने की उम्मीद में इकट्ठा हो गए (आर्काइव्ड लिंक).
यह क्लिप फ़ेसबुक, थ्रेड्स और X जैसे अन्य पोस्ट में भी शेयर की गई थी.
यूज़र्स ने पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा, "हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. मोदी है तो मुमकिन है."
एक अन्य कमेंट है, "इनको ख़त्म करना ही एकमात्र समाधान है. इसके लिए बीएसएफ़ को धन्यवाद."
लेकिन इस वीडियो का पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है.
गलत दावे के साथ शेयर किए गए वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर 11 फ़रवरी को फ़ेसबुक पर प्रकाशित एक फ़ुटेज मिला, जो बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने से महीनों पहले का है (आर्काइव्ड लिंक).
नेपाली भाषा का कैप्शन है, "आगामी प्रतिनिधि सभा चुनावों में मतदान केंद्रों और मतपेटियों की सुरक्षा के लिए नेपाल सेना किसी भी हद तक जाने को तैयार है!"
इसी तरह की तस्वीरें 9 फ़रवरी को मध्य नेपाल के तनहुँ ज़िला पुलिस कार्यालय के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर भी शेयर की गई थीं, जो नेपाल के 2026 चुनावों से पहले एक मॉक ड्रिल के बारे में बात करती है (आर्काइव्ड लिंक).
पिछले सितंबर जेन-ज़ी के नेतृत्व में हुए भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों के कारण हुई राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नेपाल में 5 मार्च को पहले चुनाव हुए (आर्काइव्ड लिंक).
पुलिस के फ़ेसबुक पोस्ट में बताया गया है कि मॉक ड्रिल पाटन प्लेग्राउंड में हुआ था.
वीडियो में बैकग्राउंड में पानी की टंकी दिख रही है जो प्लेग्राउंड की गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी में भी देखी जा सकती है (आर्काइव्ड लिंक).
AFP ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में हुई कार्रवाई से संबंधित अन्य गलत दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.
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