इस्लामी 'इज्तिमा' का पुराना वीडियो गलत दावे से शेयर किया गया

पश्चिम बंगाल में नव निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा अवैध प्रवासियों पर कार्रवाई तेज़ कर दी गई है, जिसके बाद सैकड़ों लोग पुलिस एक्शन के डर से भारत-बांग्लादेश सीमा पर इकठ्ठा हो गए हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर शेयर किए गए भीड़ के वीडियो में लोग बांग्लादेश रवाना होते हुए नहीं दिख रहे हैं. वास्तव में यह क्लिप जनवरी 2026 में राज्य में आयोजित एक बड़े इस्लामी सम्मेलन का है.

फ़ेसबुक पर 28 मई, 2026 को शेयर किए गए एक वीडियो के ऊपर लिखा है, "पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में हाक़िमपुर बॉर्डर की तरफ़ बढ़ते हुए लोग जो बांग्लादेश वापस जाना चाहते हैं."

वीडियो में फ़्लाईओवर के पास लोगों की भीड़ देखी जा सकती है.

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

गलत दावे से शेयर की गई वीडियो को इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X जैसे अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी देखा जा सकता है.

एक पोस्ट पर कमेंट में लिखा है, "यह काफ़ी नहीं है, पूरे भारत में आए सभी बांग्लादेशी को भारत से बाहर किया जाना चाहिए."

एक अन्य पोस्ट में लिखा है, "हे भगवान! पश्चिम बंगाल की जनसंख्या तो 50 प्रतिशत कम हो गई है."

यह वीडियो तब वायरल हुआ जब नई सरकार के गठन के बाद से सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए अभूतपूर्व प्रयास शुरू किए गए हैं और बंगाल में हकीमपुर सीमा चौकी पर सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हुए ताकि वे बांग्लादेश वापस जा सकें (आर्काइव्ड लिंक).

पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को नई नीति के तहत अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट करने का निर्देश दिया है.

प्रदेश सरकार ने प्रत्येक जिला प्रशासन को अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों सहित "पकड़े गए विदेशियों" के लिए "होल्डिंग सेंटर" स्थापित करने का आदेश दिया है, जिससे राज्य के लगभग 3 करोड़ मुसलमानों में चिंता बढ़ गई है (आर्काइव्ड लिंक).

लेकिन वायरल क्लिप बांग्लादेश सीमा की ओर बढ़ती भीड़ की नहीं है. 

इस्लामी सम्मलेन

गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर यह 5 जनवरी को इंस्टाग्राम पर अपलोड किया गया मिला जो भाजपा की जीत और राज्य में इन नियमों के सख्त होने से काफी पहले का है (आर्काइव्ड लिंक).

पोस्ट के कैप्शन में "पुइनान इज्तिमा" लिखा है, और वीडियो के ऊपर लिखा हुआ अंग्रेज़ी टेक्स्ट है, "हुगली बिस्वा इज्तिमा 2026, हाईवे ब्लॉक 15 किमी."

विश्व इज्तिमा, मुस्लिम समुदाय का एक विशाल इस्लामी सम्मेलन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं (आर्काइव्ड लिंक). 2026 का इज्तिमा पश्चिम बंगाल के हुगली के पुइनान में आयोजित किया गया था.

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गलत दावे से शेयर किया गया क्लिप (बाएं) और 5 जनवरी के इंस्टाग्राम वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

वीडियो अपलोड करने वाले यूज़र शेख अली ने 2 जून को एएफ़पी को बताया कि यह वीडियो इस्लामी सम्मलेन के दौरान फ़िल्माया गया था.

उन्होंने यह भी बताया कि यह वीडियो पुइनान से लगभग 8 किलोमीटर दूर एक राजमार्ग के पास फ़िल्माया गया था, और यह क्लिप उस स्थान की गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी से मेल खाती है (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और गूगल स्ट्रीट व्यू की तस्वीरों की स्क्रीनशॉट तुलना, जिसमें एएफ़पी द्वारा समान तत्व को हाइलाइट किया गया है

यह वीडियो समाचार पोर्टल केबीएन न्यूज के इंस्टाग्राम अकाउंट और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट्स पर भी लगभग उसी समय शेयर किया गया था (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

स्थानीय मीडिया ने बताया कि भारत भर से और विभिन्न देशों से श्रद्धालु इस सभा में शामिल हुए थे, जो राज्य में आखिरी बार 1992 में आयोजित की गई थी (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल राज्य चुनावों से संबंधित अन्य गलत दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.

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