बांग्लादेश में निकाले गये जुलूस की पुरानी तस्वीर शेयर कर पत्रकार दानिश सिद्दकी के अंतिम यात्रा की बताई

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ट्विटर और फ़ेसबुक पर एक तस्वीर बार-बार शेयर की जा रही है जिसमें भारी-भरकम भीड़ नज़र आ रही है. दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीर जुलाई 2021 की है और इसमें न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के फ़ोटोजर्नलिस्ट दानिश सिद्दकी के अंतिम यात्रा में जुटे लोग हैं जो कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं. ये दावा ग़लत है: इस तस्वीर में बांग्लादेश में 2019 में मुस्लिम समुदाय द्वारा निकाला गया एक जुलूस दिख रहा है.

ये तस्वीर ट्विटर पर यहां 19 जुलाई, 2021 को शेयर की गयी जहां इसे 1000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया. पोस्ट में कैप्शन लिखा गया है, “दानिश सिद्दीकी का अंतिम संस्कार… कोविड नियमों का उल्लंघन… आपको पता है ये कौन हैं… श्श्श्श सेक्युलरिज्म ”

दानिश सिद्दीकी पुलित्ज़र से सम्मानित फ़ोटोग्राफ़र थे जो रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी के लिए कम करते थे. 16 जुलाई को पाकिस्तानी सीमा से लगे क्षेत्र में अफ़गान सैनिकों और तालिबान के बीच चल रही लड़ाई को कवर करने के दौरान उन्हें गोली मार दी गयी.

AFP ने इस घटना पर रिपोर्ट किया था जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं.

ये तस्वीर फ़ेसबुक पर इसी दावे के साथ यहां और यहां शेयर की गयी.

लेकिन ये दावा ग़लत है.

ये तस्वीर 26 नवम्बर, 2019 को फ़ेसबुक पर शेयर की गयी एक दूसरी तस्वीर से मिलती है.

इसे फ़ोटोग्राफ़र फैज़ल बिन लतीफ़ ने शेयर किया था और बताया था कि यह बांग्लादेश के शहर चट्टोग्राम (चिटगांग) में निकाले गये जुलूस की तस्वीर है.

चिटगांग) में निकाले गये जुलूस की तस्वीर ( फैज़ल बिन लतीफ़ / )

फैज़ल ने इस मौके की तस्वीरों का एल्बम भी फ़ोटो शेयरिंग वेबसाइट फ़्लिकर पर डाला है. इस एल्बम का टाइटल है, “जश्न-ए-जुलूस, मिलाद-उन-नबी, नवम्बर 2019.” ओरिजिनल: “Jashney Julus, Miladunnabi, November 2019”

AFP को ऐसे ही विज़ुअल वाला बांग्ला यूट्यूब विडियो मिला जिसे देखकर पता चलता है वायरल तस्वीर उसी मौके की है जो विडियो में दिख रहा है.

विडियो के टाइटल में बताया गया है कि यह नवम्बर 2019 में चिटगांग में निकाला गया मिलाद-उन-नबी का जुलूस है.

मिलाद-उन-नबी इस्लाम का त्यौहार है जिसे मुस्लिम समुदाय के कैलेंडर के मुताबिक पैगम्बर मोहम्मद के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है. 2019 में बांग्लादेश में इसे 10 नवम्बर को मनाया गया था.

नीचे भ्रामक पोस्ट वाली तस्वीर (बाएं) और यूट्यूब वीडियो के 17 सेकंड पर लिए गये स्क्रीनशॉट (दायें) की तुलना है.

इस जुलूस के बारे में 10 नवम्बर, 2019 बंगाली न्यूज़ वेबसाइट बांग्लान्यूज़24 ने भी रिपोर्ट किया था.

AFP को इस न्यूज़ रिपोर्ट में भी वायरल तस्वीर (बाएं) से मिलती हुई तस्वीर (दायें) मिली जो की दूसरी दिशा से ली गयी हैं.

नीचे दानिश सिद्दीकी के अंतिम संस्कार की सही तस्वीर है जिसे AFP के फ़ोटोग्राफ़र मनी शर्मा ने खींची थी.

इसके कैप्शन में लिखा है, “18 जुलाई, 2021 को रॉयटर्स के पत्रकार दानिश सिद्दीकी (दायें) के अंतिम संस्कार में जुटे लोग उन्हें दफ़न करने से पहले ताबूत ले जाते हुए.”

18 जुलाई, 2021 को रॉयटर्स के पत्रकार दानिश सिद्दीकी (दायें) के अंतिम संस्कार में जुटे लोग उन्हें दफ़न करने से पहले ताबूत ले जाते हुए ( AFP / Money SHARMA)

मनी शर्मा की ली हुई तस्वीर का भ्रामक दावो के साथ वायरल की जा रही तस्वीर से कोई मेल नहीं है.

कोविड 19