वीडियो गेम के फ़ुटेज को अमेरिकी युद्धपोत पर ईरानी हमला बताकर शेयर किया गया
- प्रकाशित 9 अप्रैल 2026, 13h56
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ और उसके आसपास के कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर किए गए हमलों ने मध्य पूर्व युद्ध को एक खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है. हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में किया गया दावा कि ये ईरान द्वारा अमेरिकी नौसेना युद्धपोत पर हमला दिखाता है, गलत है. वास्तव में यह वीडियो एक गेमिंग क्रिएटर द्वारा शेयर किए गए वीडियो गेम का एक क्लिप है. ये दृश्य एक सैन्य सिमुलेशन वीडियो गेम से लिए गए हैं, जिसमें कंप्यूटर जेनरेटेड ग्राफ़िक्स असल घटनाओं से बिलकुल अलग हैं.
फ़ेसबुक पर 26 मार्च, 2026 को शेयर किये गए वीडियो का कैप्शन है, "ब्रेकिंग न्यूज़ अभी-अभी खबर मिली है. ईरान ने अभी-अभी होर्मुज जल्दरू मध्य से अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर हमला क्या है.!"
इस क्लिप को 3,400 से अधिक बार देखा जा चुका है और इसमें अमेरिकी ध्वज लहराते एक बड़े जहाज़ पर कई गोले दागे जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप भीषण विस्फोट और भारी क्षति होती है.
फ़रवरी में अमेरिका और इज़रायल द्वारा इस्लामी रिपब्लिक के खिलाफ़ युद्ध शुरू करने के बाद से ईरान ने जलडमरूमध्य से सैकड़ों मील दूर जहाज़ों पर हमले किए हैं (आर्काइव्ड लिंक).
ब्रिटेन समुद्री व्यापार संचालन (UKMTO), अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO), इराकी अधिकारियों और ईरानी अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत से अब तक कम से कम 10 तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है या उन पर हमले की सूचना मिली है (आर्काइव्ड लिंक).
ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने पहले यह भी कहा था कि उसने यूएसएस अब्राहम लिंकन पर हमला किया था, जो एक विमानवाहक पोत है और क्षेत्र में अमेरिका के एक दर्जन से अधिक युद्धपोतों में से एक है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
पेंटागन ने ईरान के दावों का खंडन किया है (आर्काइव्ड लिंक).
इसी तरह के दावे X पोस्ट और फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर भी शेयर किए गए हैं.
लेकिन गलत दावे से शेयर किये गए फ़ुटेज में एक वीडियो गेम से कंप्यूटर जेनरेटेड ग्राफ़िक्स दिखाई दे रहे हैं.
मिलिट्री सिमुलेशन गेम
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर 18 मार्च, 2026 को फ़ेसबुक पर प्रकाशित वीडियो का मूल संस्करण मिला (आर्काइव्ड लिंक).
इसे "रासेल गेमिंग" नामक वीडियो क्रिएटर ने "वॉर थंडर खेलते हुए" टैग के साथ प्रकाशित किया था.
क्रिएटर ने अपने फ़ेसबुक पेज पर इसी तरह के कई वीडियो शेयर किए हैं और अकाउंट के डिस्क्रिप्शन में साफ़ तौर पर लिखा है कि सभी क्लिप "वर्चुअल गेमिंग एनवायरनमेंट" दिखाते हैं (आर्काइव्ड लिंक).
क्रिएटर ने 30 मार्च को एएफ़पी को बताया, "यह वॉर थंडर का एक गेमिंग वीडियो है जिसे मैंने बनाया है. मैंने इसका ज़िक्र अपने टाइटल और गेम टैग में भी किया है."
वॉर थंडर एक फ़्री-टू-प्ले मिलिट्री-सिमुलेशन वीडियो गेम है जो कंप्यूटर और कंसोल पर उपलब्ध है (आर्काइव्ड लिंक).
क्लिप के दृश्यों में कुछ दृश्य विसंगतियां देखी जा सकती हैं -- जैसे विस्फोट, पानी के छींटे और आग जो वास्तविक फ़ुटेज से बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं.
एक अमेरिकी झंडा अचानक दिखाई देता है और विस्फोट का उस पर कोई असर नहीं होता. साथ ही वीडियो की शुरुआत में एक कंप्यूटर माउस कर्सर दाएं से बाएं जाते देखा जा सकता है.
अक्सर कई संघर्षों के दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो गेम फ़ुटेज गलत दावे से शेयर किये जाते रहे हैं.
एएफ़पी ने मध्य पूर्व युद्ध से जुड़े अन्य भ्रामक दावों को भी फ़ैक्ट चेक किया है.
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