2020 की दुर्घटना का वीडियो दुबई एयरपोर्ट पर हालिया ईरानी हमले के दावे से वायरल
- प्रकाशित 31 मार्च 2026, 13h58
- 3 मिनट
- द्वारा Bill MCCARTHY, एफप अमेरीका
- अनुवाद और अनुकूलन Akshita KUMARI
ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने के बाद कई बार दुबई हवाई अड्डे पर यातायात बाधित हुआ है. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को हमले के बाद आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाने का दावा किया गया है, हालिया युद्ध से असंबंधित है. फ़ुटेज को 2020 में यूएई के एक अन्य शहर अजमान के बाज़ार में लगी भीषण आग के दौरान फ़िल्माया गया था.
फ़ेसबुक पोस्ट में 17 मार्च, 2026 को एक वीडियो शेयर किया गया जिसका कैप्शन है, "दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान ताबड़तोड़ ड्रोन गिरा रहा है."
इसी तरह के गलत दावे से ये वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स फ़ेसबुक, X, थ्रेड्स और इंस्टाग्राम पर कई भाषाओं में शेयर की गईं है.
ये वीडियो तब शेयर की गई जब 16 मार्च को दुबई एयरपोर्ट पर एक "ड्रोन संबंधित घटना" के वजह से एक ईंधन टैंक में आग लग गई और अमीराती अधिकारियों द्वारा अस्थायी रूप से उड़ानों को निलंबित किया गया (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
एएफ़पी की तस्वीरों में हवाई अड्डे की दिशा से काले धुएं का घना गुबार उठता हुआ देखा जा सकता है.
फ़रवरी के अंत में ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या करने वाले अमेरिकी-इज़रायली हमलों के बाद से -- जिसने मध्य पूर्व को युद्ध की ओर धकेल दिया -- तेहरान ने यूएई पर 1,900 से अधिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं (आर्काइव्ड लिंक). इन हमलों ने तेल-समृद्ध देश पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है और कमर्शियल हवाई यात्रा को बाधित किया है, जिनमें से कई हमले दुबई हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
लेकिन ऑनलाइन शेयर की जा रही वीडियो दुबई हवाई अड्डे पर ईरानी हमलों से संबंधित नहीं है.
गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से पता चला कि यही क्लिप 6 अगस्त, 2020 को फ़ेसबुक पर एक नेपाली भाषा की पोस्ट में मौजूद है, जिसमें यूएई के एक अन्य शहर अजमान में भयंकर आग लगने के बारे में बताया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
दुबई स्थित अंग्रेज़ी समाचार संसथान, गल्फ़ न्यूज़ के अनुसार, 5 अगस्त को एक पब्लिक मार्केट में भीषण आग लगने के कारण 125 दुकानें जलकर खाक हो गईं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां). अखबार ने बताया कि कोविड-19 सुरक्षा उपायों के तहत मार्केट उस समय बंद था और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.
एएफ़पी ने गूगल स्ट्रीट व्यू का उपयोग करके फ़ुटेज में दिख रहे मार्केट और एक अन्य इमारत को जियोलोकेट किया और स्थान की पुष्टि की (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
गल्फ़ न्यूज़ के आर्टिकल्स में शामिल अन्य वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रकाशित कई अन्य क्लिप में भी वही कमर्शियल इमारत जलती हुई दिखाई दे रही है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां, यहां और यहां).
एएफ़पी ने मध्य पूर्व युद्ध से जुड़े अन्य भ्रामक दावों को भी फ़ैक्ट चेक किया है.
कॉपीराइट © एएफ़पी 2017-2026. इस कंटेंट के किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत पड़ेगी. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.