मणिपुर में फ़िल्माए गए पुराने फ़ुटेज को पश्चिम बंगाल चुनावों से जोड़कर शेयर किया गया
- प्रकाशित 24 अप्रैल 2026, 13h54
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
भारत सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सुरक्षा बढ़ाने की बात कही गई है, लेकिन सुनसान सड़क पर सैन्य ट्रकों का जो फ़ुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, असल में पुराना है. एएफ़पी ने इस क्लिप को जियोलोकेट किया और पाया है कि यह पूर्वोत्तर मणिपुर में फ़िल्माया गया है, ना कि बंगाल में.
फ़ेसबुक पर 8 अप्रैल, 2026 को एक पोस्ट शेयर किया गया जिसका कैप्शन है, "जिस पश्चिम बंगाल में चुनाव की चर्चाओं से ही हिंदुओं में घबराहट पैदा हो जाती थी. उस घबराहट को समाप्त करने के लिए सुरक्षा बलों की संख्या और बढ़ा दी गई है. संदेश स्पष्ट है कि हिंदुओं को दबाने या दंगे कर मारने का प्रयास किया तो कार्यवाही की नई कहानी लिख दी जाएगी."
पोस्ट में शेयर किया गया वीडियो रात के वक़्त एक सुनसान सड़क पर चल रहे सैन्य वाहनों के काफ़िले को दिखाता है.
पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ जिसके नतीजे मई 4 को आएंगे (आर्काइव्ड लिंक).
भारतीय जनता पार्टी, जिसने बंगाल पर कभी शासन नहीं किया, ने अक्सर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर मुस्लिम वोट बैंक को रिझाने के आरोप लगाए है (आर्काइव्ड लिंक).
राज्य में चुनावी हिंसा का लंबा इतिहास रहा है और सरकार ने किसी भी प्रकार की झड़प को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की घोषणा की है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
फ़ेसबुक और X पोस्ट्स में इसी तरह के दावों से शेयर किए गए वीडियो पर आए कमेंट्स से पता चलता है कि यूज़र्स ने इस फ़ुटेज को पश्चिम बंगाल का मान लिया है.
एक यूज़र ने लिखा, "हिंदुओं को राहत महसूस करनी चाहिए, सरकार का यह अच्छा और सराहनीय कदम है, धन्यवाद."
एक अन्य यूज़र ने कहा कि पश्चिम बंगाल पर "अधिक ध्यान" दिया जाना चाहिए ताकि भारत मुस्लिम बहुल बांग्लादेश जैसा न बन जाए.
हालांकि, यह वीडियो एक साल से अधिक पुराना है और किसी अन्य राज्य में फ़िल्माया गया है.
गलत दावे से शेयर किए गए फ़ुटेज के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर पता चला कि यही वीडियो 17 फ़रवरी, 2025 को X पर पोस्ट किया गया था, जिसके अनुसार यह पूर्वोत्तर मणिपुर में लंबे समय से चल रही जातीय हिंसा को रोकने के लिए आपातकालीन उपायों को लागू करने के बाद की स्थिति को दिखाता है (आर्काइव्ड लिंक).
पोस्ट का कैप्शन है, "भारतीय सेना जनता को सूचित करती है कि वे शांति बहाल करने के लिए यहां आए हैं और लोगों से घर पर रहने का आग्रह करती है."
मणिपुर में मई 2023 से अब तक समय-समय पर हिंसक झड़पें होती रही हैं. ये झड़पें मुख्य रूप से हिंदू मैतेई बहुसंख्यक और मुख्यतः ईसाई कुकी समुदाय के बीच हुई हैं, जिनमें 250 से अधिक लोग मारे गए हैं (आर्काइव्ड लिंक).
भारतीय समाचार एजेंसी ANI ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिंसा के दौर के बाद 13 फ़रवरी, 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया, जिससे केंद्र सरकार को स्थानीय प्रशासन अपने हाथ में लेने का अधिकार मिला (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने X यूज़र से संपर्क किया, जो मणिपुर की मूल निवासी है, उन्होंने कहा कि वीडियो उनके द्वारा शूट नहीं किया गया था. हालांकि, उन्होंने फ़ुटेज में दिख रहे स्थान की पहचान मणिपुर के इंफाल शहर के सिंगजामेई चोंगथम लेइकाई मोहल्ले के रूप में की.
वीडियो में दिखाई देने वाली कई दुकानें गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी से मेल खाती हैं, जिससे पुष्टि होती है कि वीडियो मणिपुर में फ़िल्माया गया था (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने इससे पहले पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव से संबंधित अन्य गलत सूचनाओं को भी फ़ैक्ट चेक किया है.
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