भारत-बांग्लादेश सीमा पर किसानों के बीच झड़प का पुराना वीडियो गलत दावे से शेयर किया गया

भारतीय जनता पार्टी ने मई 2026 में पश्चिम बंगाल में प्रवासियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया जिसके बाद बांग्लादेश सीमा की ओर पलायन शुरू हो गया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल लाठियों और चाकुओं से लैस लोगों के बीच टकराव का एक फ़ुटेज इससे सम्बंधित नहीं है. वीडियो वास्तव में जनवरी 2025 में भारतीय और बांग्लादेशी किसानों के बीच हुई एक झड़प के दौरान फ़िल्माया गया था, हालिया पलायन के दौरान नहीं.

मई 25, 2026 को इंस्टाग्राम पर शेयर किये गए वीडियो में कई क्लिप्स शामिल हैं जिनमें लोगों को एक खेत में पथराव करते दिखाया गया है -- जबकि वर्दी पहने जवान आसपास खड़े दिखाई दे रहे हैं. पोस्ट के कैप्शन के अनुसार इसे तब फ़िल्माया गया जब बांग्लादेशी नागरिक भारत के सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर पथराव कर रहे थे. 

वीडियो का कैप्शन है, "बांग्लादेश की सीमा पर ये हाल हैं! अब सभी समझ ही गए होंगे कि cockroach क्यों एक्टिव हुए हैं.! बंगाल हार के साथ ही बहुत सी प्लानिंग सात समंदर पार की, धरी की धरी रह गई.. इसीलिए तो यहां कॉकरोच नालियों से निकल पूरे देश में फैलने लगे हैं."

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों का "पता लगाने, हटाने और उन्हें वापस भेजने" के वादे पर मई 2026 में हुए चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की.

पश्चिम बंगाल में  नई सरकार ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या, दोनों, के लिए "होल्डिंग सेंटर"  स्थापित करने का आदेश दिया है. इस फैसले ने बंगाल के करीब 3.5 करोड़ मुसलमानों के बीच चिंता बढ़ा दी है, जिनमें से कई पड़ोसी बांग्लादेश के साथ भाषाई और सांस्कृतिक जुड़ाव रखते हैं (आर्काइव्ड लिंक).

पुलिस ने बताया कि सैकड़ों बांग्लादेशी वापस जाने की उम्मीद में हाकिमपुर सीमा चौकी पर इकट्ठा हुए, जबकि कई बांग्लादेश लौटने के लिए नदी पार कर गए, हालांकि इस पलायन का पैमाना अभी भी अस्पष्ट है (आर्काइव्ड लिंक)।

क्लिप समान दावों के साथ  इंस्टाग्राम और X पर भी शेयर किया गया.

हालांकि वायरल वीडियो कई महीने पहले बांग्लादेशी और भारतीय किसानों के बीच झड़प दिखाता है.

किसानों के बीच झड़प

वीडियो के कीफ़्रेम्स का उपयोग करके गूगल पर  रिवर्स इमेज और कीवर्ड सर्च करने पर बांग्लादेशी समाचार पत्र 'खबरेर कागोज' की 18 जनवरी, 2025 की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें यही वीडियो इस्तेमाल किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).

कैप्शन के अनुसार इसे भारत-बांग्लादेश सीमा पर हुई एक लड़ाई के दौरान फ़िल्माया गया था.

'खबरेर कागोज' के लिए यह रिपोर्ट तैयार करने वाले एक स्थानीय पत्रकार, ज़ोहुरुल इस्लाम, ने 8 जून 2026 को AFP को बताया कि यह वीडियो 18 जनवरी, 2025 को एक सीमावर्ती क्षेत्र में पेड़ काटने को लेकर भारतीय और बांग्लादेशी किसानों के बीच हुई एक झड़प दिखाता है (आर्काइव्ड लिंक).

"मैंने इस वीडियो रिपोर्ट को बनाने के लिए कुछ क्लिप खुद शूट किये थे और कुछ स्थानीय पत्रकारों से लिए थे," उन्होंने AFP को बताया.

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और जनवरी 2025 में पोस्ट किए गए रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट की तुलना

रिपोर्ट्स के अनुसार यह झड़प तब शुरू हुई जब भारतीय किसानों ने बांग्लादेशी किसानों पर अपनी फ़सल चुराने का आरोप लगाया. दूसरी ओर, बांग्लादेशी किसानों द्वारा यह कहा गया कि भारतीयों द्वारा सीमा पार आकर आम के कई पेड़ काट दिए गए. इस घटना में तीन बांग्लादेशी घायल हुए थे (आर्काइव्ड लिंक).

NDTV ने BSF के एक बयान के हवाले से कहा कि दोनों तरफ़ के किसानों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, लेकिन "BSF और BGB (बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश) के जवानों द्वारा समय पर हस्तक्षेप के बाद स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया और दोनों ओर के किसानों को उनके संबंधित क्षेत्रों में वापस भेज दिया गया" (आर्काइव्ड लिंक).

बांग्लादेशी समाचार आउटलेट BVNews24 ने उस समय इस झड़प पर रिपोर्ट की थी, जिसमें यही वीडियो शामिल किया गया है (आर्काइव्ड लिंक).

इस रिपोर्ट में इस घटना को लेकर BGB के एक अधिकारी, मोहम्मद गुलाम किबरिया का एक इंटरव्यू भी शामिल है.

"जो नुकसान हुआ है, उसका खामियाज़ा हमारे किसानों को भुगतना पड़ा है," उन्होंने कहा, "इसलिए, सभी किसानों ने मुझसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि सीमावर्ती क्षेत्र में किसानों के अलावा कोई और इकट्ठा न हो".

"और BGB की ओर से हमारे सभी नागरिकों और जनता से यह अनुरोध है कि कोई भी ज़ीरो लाइन को पार न करे, क्योंकि ज़ीरो लाइन पार करने से कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है".

AFP पहले भी पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश जाने वाले प्रवासियों से जुड़े अन्य गलत दावों को फ़ैक्ट चेक कर चुका है.

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