हाथ में स्कूल बैग पकड़े ईरानी फ़ुटबॉल खिलाड़ी की यह तस्वीर एआई जेनरेटेड है

ईरान की पुरुष राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम ने मार्च 2026 में एक मैत्री मैच से पहले मैदान पर बच्चों के बैकपैक रखकर मध्य पूर्व में युद्ध की शुरुआत में एक स्कूल पर हुए हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी थी. लेकिन एक तस्वीर, जिसमें दावा किया जा रहा है कि न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ फ़ीफ़ा विश्व कप मैच के दौरान किसी खिलाड़ी ने उसी पल को दोहराया, असली नहीं है. वायरल तस्वीर में काल्पनिक जर्सी पहने एक एआई जेनरेटेड खिलाड़ी दिखाया गया है. साथ ही, OpenAI के इमेज वेरिफ़िकेशन टूल के अनुसार यह तस्वीर उनके आर्टिफ़िशियाल इंटेलिजेंस प्रोग्राम की मदद से बनाई गई है.

तस्वीर को फ़ेसबुक पर 16 जून को शेयर किया गया है जिसका कैप्शन है, "फ़ीफ़ा 2026.. ईरान न्यूजीलैंड के बीच हुए मुकाबले में... ईरान का खिलाड़ी... मिनाब में मारी गई बच्चियों की याद में... स्कूल का बैग पकड़े नजर आया...लॉस एंजिल्स.. अमेरिका."

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X और एआई वॉटरमार्क जोड़ा गया है

तस्वीर को इसी दावे से फ़ेसबुक और X पोस्ट्स पर भी शेयर किया गया है.

ईरान ने 2026 फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ वापसी करते हुए 2-2 से मैच ड्रॉ कर लिया है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

यह फ़ीफ़ा टूर्नामेंट संयुक्त रूप से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में आयोजित किया जा रहा है.

लॉस एंजेलिस में खेले गए इस मैच से पहले टीम की भागीदारी को लेकर कई महीनों तक अनिश्चितता बनी रही. इसकी वजह मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध था, जो फ़रवरी के अंत में अमेरिका और इज़रायल के हमलों के साथ शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

युद्ध के पहले ही दिन दक्षिणी शहर मीनाब के एक प्राइमरी स्कूल पर हुए हमले में 150 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इनमें कम से कम 73 लड़के और 47 लड़कियां शामिल थीं (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

इस हमले की ज़िम्मेदारी न तो अमेरिका ने ली और न ही इज़रायल ने. शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह तक कहा था कि हो सकता है इसके पीछे खुद ईरान का ही हाथ हो. हालांकि, बेलिंगकैट और न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच में सामने आया कि स्कूल पर अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज़ मिसाइल से हमला हुआ था (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां ,यहां, यहां, यहां).

14 जून को घोषित एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अमेरिका और ईरान के अधिकारी बातचीत की तैयारी कर रहे थे. इस समझौते का उद्देश्य युद्ध खत्म करना और जहाज़ों के लिए बेहद अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना था (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

नाइजीरिया के खिलाफ़ 28 मार्च को खेले गए मैच से पहले जब ईरान का राष्ट्रगान बज रहा था, तब टीम के खिलाड़ियों ने काली पट्टियां बांधी हुई थीं और उन्होंने मीनाब हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्कूल बैग के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई थीं (आर्काइव्ड लिंक).

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ईरान के सरकारी प्रसारक द्वारा 27 मार्च 2026 को जारी और AFPTV के जरिए प्रसारित इस स्क्रीनशॉट में देश की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम को तुर्की में नाइजीरिया के खिलाफ़ मैत्री मैच से पहले, 28 फ़रवरी को मीनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए दिखाया गया है (IRIB TV)

लेकिन AFP ने पाया कि ऑनलाइन शेयर की जा रही यह तस्वीर, जिसमें दावा किया गया है कि एक ईरानी फ़ुटबॉलर वर्ल्ड कप के दौरान ऐसा ही बैकपैक दिखा रहा है, दरअसल एआई द्वारा बनाई गई एक फ़र्ज़ी तस्वीर है.

तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति ईरान की 26 सदस्यीय वर्ल्ड कप टीम के किसी भी खिलाड़ी से मेल नहीं खाता है. साथ ही, उसकी जर्सी भी असली किट जैसी नहीं है, जिसे टीम ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ मैच में पहना था (आर्काइव्ड लिंक).

इसके अलावा, तस्वीर में दिखाई दे रहा स्टेडियम भी लॉस एंजेलिस के उस असली मैदान से अलग है, जहां यह मैच खेला गया था.

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15 जून, 2026 को इंग्लेवुड में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ 2026 विश्व कप ग्रुप G मैच से पहले ईरान के खिलाड़ियों ने टीम फ़ोटो के लिए पोज़ दिया (AFP / Frederic J. Brown)
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15 जून, 2026 को इंग्लवुड में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ 2026 विश्व कप ग्रुप G मैच के दौरान, ईरान के डिफ़ेंडर रामिन रेज़ाइयान (बाईं ओर) ने अपना पहला गोल करने के बाद अपने साथियों के साथ जश्न मनाया (AFP / Patrick T. Fallon)

तस्वीर में एआई से बनी कुछ आम गड़बड़ियां भी दिखाई देती हैं, जैसे बैकपैक पर लगे फूलों की सिलाई में असमानता.

OpenAI के इमेज वेरिफ़िकेशन टूल ने पाया कि इस तस्वीर में SynthID मौजूद है -- यह गूगल का एक अदृश्य वॉटरमार्क होता है, जिसे अब कंपनी अपने प्लेटफ़ॉर्म से बनाए गए एआई कंटेंट में पहचान के चिन्ह के रूप में जोड़ रही है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

इस टूल ने निष्कर्ष निकाला कि यह कंटेंट "OpenAI का इस्तेमाल करके बनाया गया है".

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ओपनएआई से लिया गया स्क्रीनशॉट, 17 जून 2026

Hive Moderation टूल ने भी इसी तरह निष्कर्ष निकाला कि यह तस्वीर "संभावित रूप से एआई से बनाई गई या डीपफ़ेक कंटेंट हो सकती है," और इसे GPT-4o से जुड़ा बताया.

Unsurface नाम का एक और मीडिया वेरिफ़िकेशन टूल, जो सिंथेटिक कंटेंट की पहचान के लिए वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करता है, ने भी तस्वीर के "फ़ोरेंसिक संकेतों" के आधार पर मज़बूत सबूत पाए कि यह एआई से बनाई गई है.

AFP ने वर्ल्ड कप से जुड़ी ऐसी कई अन्य गलत जानकारियों का भी खंडन किया है.

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