कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शनों से जोड़कर वायरल ये वीडियो दरअसल AI की मदद से एडिट किये गए हैं

पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा चलाया गया आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े के साथ समाप्त हो गया लेकिन इससे जुड़े भ्रामक दावे अब भी सोशल मीडिया पर फैल रहे हैं. ताज़ा मामले में दो वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, जिनमें एक में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का CJP के समर्थन में इस्तीफ़ा देने का दावा किया गया है, जबकि एक अन्य में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की बात करते हुए दिखाया गया है. हालांकि, मूल वीडियो से तुलना करने पर पता चला कि दोनों क्लिप्स का ऑडियो बदला गया है और डिटेक्शन टूल्स ने भी इसे 'AI की मदद से तैयार' किया हुआ बताया है. 

28 जुलाई 2026 को फ़ेसबुक पर शेयर की गई एक पोस्ट का कैप्शन है: "दिल्ली DCP ने दिया इस्तीफा छात्रों पर कार्रवाई करने को लेकर." 

पोस्ट के साथ शेयर किए गए 47 सेकंड के वीडियो में नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सुमित झा कह रहे हैं: "मैं तत्काल प्रभाव से भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफ़ा दे रहा हूं, मुझसे कहा गया कि अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों को अपराधी बताया जाए, जो मेरे सिद्धांतों के खिलाफ़ है. ये छात्र आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं."

"मैंने पुलिस सेवा सच का साथ देने के लिए चुनी थी, झूठ फैलाने के लिए नहीं. आज से मैं सरकार के साथ नहीं, बल्कि छात्रों के साथ खड़ा हूं." 

वीडियो पर लिखा टेक्स्ट भी इसी दावे को दोहराता है. 

एक अन्य वीडियो 25 जुलाई 2026 को इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया, जिसके कैप्शन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के हवाले से लिखा गया: "हमें दो तीन कॉकरोच को सरेआम लटका देना चाहिए जिससे CJP को ये अंदाज़ा हो सके कि हमारी ताक़त क्या है और हम किस हद तक जा सकते हैं." 

वीडियो पर लिखा टेक्स्ट है: "केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के कथित बयान पर विवाद, राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा. हमें दो-तीन कॉकरोच को सरेआम लटका देना चाहिए."

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट्स का स्क्रीनशॉट जिस पर AFP द्वारा X साइन और AI लेबल जोड़ा गया है

इसी तरह के दावे से ये पोस्ट फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और X पर भी शेयर किए गए. ये वीडियो उस समय वायरल हुए जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कई हफ़्तों तक प्रदर्शन किया (आर्काइव्ड लिंक). 

CJP के अनुसार, देशभर में कम से कम 100 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. संगठन का कहना है कि सरकार को अपना वादा नहीं तोड़ना चाहिए, क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिया था कि उनके खिलाफ़ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी (आर्काइव्ड लिंक). 

इस बीच, संसद के दोनों सदनों ने परीक्षा पत्र लीक करने वालों के लिए कड़ी सज़ा का प्रावधान करने वाला एक विधेयक पारित किया. कई हफ़्तों चले आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े के अलावा यह दूसरा बड़ा कदम था (आर्काइव्ड लिंक  यहां और यहां). 

हालांकि, दोनों वायरल क्लिप्स असली नहीं हैं. 

पहले वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर AFP को यही वीडियो 23 जुलाई को दिल्ली पुलिस के आधिकारिक X अकाउंट पर मिला (आर्काइव्ड लिंक). 

54 सेकंड के मूल वीडियो में नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) सुमित झा छात्र प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे पाकिस्तान-स्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा चलाए जा रहे 'फ़ेक न्यूज़ अभियान' से सावधान रहें. 

वीडियो में उन्होंने कहीं भी इस्तीफा देने या छात्रों का समर्थन करने की बात नहीं कही. 

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और दिल्ली पुलिस द्वारा शेयर किये गए असल वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

दिल्ली पुलिस ने भी इस दावे को "पूरी तरह फ़र्ज़ी" बताया. वहीं, बफ़ेलो यूनिवर्सिटी के AI डिटेक्शन टूल Deepfake-O-Meter ने इस वीडियो को "संभावित रूप से AI से तैयार किया गया" बताया (आर्काइव्ड लिंक).

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डीपफ़ेक-ओ-मीटर एनालिसिस का स्क्रीनशॉट

दूसरे वीडियो के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर AFP को यही क्लिप 23 जुलाई को समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) द्वारा X पर पोस्ट की हुई मिली (आर्काइव्ड लिंक). 

मूल वीडियो में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस X पोस्ट पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें प्रधानमंत्री ने परीक्षा पत्र लीक के मामलों में तेजी से कड़ी सज़ा सुनिश्चित करने के लिए फ़ास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने की घोषणा की थी (आर्काइव्ड लिंक). 

वीडियो में गोयल कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने दोषियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसमें फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों की स्थापना भी शामिल है. उन्होंने विपक्ष से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की और शांति बनाए रखते हुए बातचीत के ज़रिये समाधान निकालने की बात कही. 

पूरे वीडियो में पीयूष गोयल ने कहीं भी छात्र प्रदर्शनकारियों को धमकी नहीं दी और न ही उन्हें फांसी देने जैसी कोई बात कही. 

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और PTI द्वारा शेयर किये गए असल वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

समाचार एजेंसी ANI और सरकारी ब्रॉडकास्टर DD News ने भी इसी बयान के अलग-अलग एंगल से रिकॉर्ड किए गए वीडियो शेयर किए हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां ). 

AFP ने 'वेरिफ़िकेशन प्लगइन' में उपलब्ध HIYA वॉइस क्लोनिंग डिटेक्शन टूल से वायरल वीडियो के ऑडियो की जांच की. टूल ने इसे "अत्यधिक संभावना है कि AI से तैयार किया गया" बताया.

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HIYA डिटेक्शन टूल के एनालिसिस का स्क्रीनशॉट

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी अपने X अकाउंट पर इस दावे का खंडन किया. उन्होंने लिखा कि संसद के बाहर मीडिया से की गई उनकी टिप्पणी को AI की मदद से दुर्भावनापूर्ण तरीके से बदलकर डीपफ़ेक वीडियो बनाया गया और गलत जानकारी फैलाने के लिए शेयर किया गया (आर्काइव्ड लिंक). 

AFP पहले भी CJP आंदोलन से जुड़े कई भ्रामक दावों को फ़ैक्ट चेक कर चुका है. 

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