स्यूटा संकट के दावे से शेयर किया जा रहा ये वीडियो एआई जेनरेटेड है
- प्रकाशित 10 अगस्त 2026, 08h56
- 3 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, AFP भारत
जुलाई के अंत में मोरक्को से बड़ी संख्या में प्रवासी स्पेन के उत्तरी अफ़्रीकी क्षेत्र स्यूटा (Ceuta) में पहुंचने लगे जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई गलत और भ्रामक दावे शेयर किेये गए. सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे ही एक वीडियो के कैप्शन में कहा गया कि स्पेन की सेना मुसलमानों को रोकने के लिए सूअर के मांस का इस्तेमाल कर रही है. हालांकि, वीडियो में कई गड़बड़ियां मौजूद हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि यह AI से बनाया गया हो सकता है. AFP ने अपनी जांच में पाया कि वीडियो के निर्माता ने पुष्टि की कि यह क्लिप फ़र्ज़ी है.
फ़ेसबुक पर 2 अगस्त 2026 को शेयर की गई पोस्ट का कैप्शन है: "स्पेन में घुसे अवैध घुसलमानों पर स्पेन की सेना ने सूअर के मांस की बौछार कर दी, जिससे बाद घुसपैठियों में भगदड़ मच गई."
पोस्ट में शेयर किये गए 15 सेकंड के वीडियो में वर्दीधारी लोग एक भीड़ की ओर मांस के टुकड़े फेंकते दिखते हैं. पास खड़े एक टैंक पर "Bacon squad" लिखा हुआ है.
इस्लाम धर्म में सूअर का मांस खाना वर्जित (हराम) माना जाता है. मोरक्को और स्यूटा में इस्लाम प्रमुख धर्म है (आर्काइव्ड लिंक).
हाल ही में मोरक्को से हज़ारों प्रवासी स्पेन के उत्तरी अफ़्रीकी क्षेत्र स्यूटा (Ceuta) में समुद्र और पैदल मार्ग से पहुंच गए जिसके बाद से ही वीडियो को इसी तरह के दावों के साथ X और फ़ेसबुक पर शेयर किया गया (आर्काइव्ड लिंक).
भूमध्य सागर में बनी सीमा को पार करने की कोशिश के दौरान कई प्रवासियों की डूबने से मौत हो गई. स्यूटा में स्पेन सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मृतकों की संख्या 70 से अधिक थी. इस घटना ने स्पेन और उसके यूरोपीय संघ सहयोगियों के बीच कूटनीतिक तनाव पैदा कर दिया (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).
स्थिति को संभालने के लिए स्पेन ने सैनिकों, ड्रोन, गोताखोरों और नौकाओं को स्यूटा भेजा. AFP के पत्रकारों ने वहां बड़ी संख्या में पुलिस और सैन्य बलों की मौजूदगी देखी. कुछ युवा प्रवासी अधिकारियों से विदा लेने के बाद वापस मोरक्को लौटते भी दिखाई दिए (आर्काइव्ड लिंक).
स्पेन ने कहा कि 5 अगस्त तक 72,000 में से लगभग 70,000 लोग वापस लौट चुके थे.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ कई इस्लाम विरोधी टिप्पणियां भी की गईं, जिससे संकेत मिला कि कुछ लोगों ने इस दावे को सच मान लिया है.
एक यूज़र ने लिखा, "भारत को भी कश्मीर और बांग्लादेश से आने वाले घुसपैठियों के खिलाफ़ ऐसा ही तरीका अपनाना चाहिए."
हालांकि, यह वीडियो स्यूटा शरणार्थी संकट का नहीं है.
AI जेनरेटेड वीडियो
वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर यही वीडियो 31 जुलाई को X पर "Made with AI" लेबल के साथ पोस्ट किया हुआ मिला (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो पोस्ट करने वाले यूज़र ने उसी दिन एक अन्य पोस्ट में कहा: "मैंने यह वीडियो Yapper पर Seedance 2.0 की मदद से बनाया है."
Yapper एक कंटेंट क्रिएशन प्लेटफ़ॉर्म है, जहां लोग Seedance 2.0 नामक AI मॉडल की मदद से वीडियो बना सकते हैं. यह मॉडल चीनी टेक कंपनी ByteDance द्वारा विकसित किया गया है (आर्काइव्ड लिंक).
AFP की जांच में वीडियो में कई गड़बड़ियां मिलीं, उदाहरण के लिए: एक व्यक्ति का धड़ अचानक गायब होता दिखता है और दूसरे व्यक्ति के हाथ अस्वाभाविक दिखाई देते हैं. ऐसी गलतियां अक्सर AI से बनाए गए वीडियो में देखी जाती हैं.
इसके अलावा, AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation के एनालिसिस में भी वीडियो के 99.7 प्रतिशत की संभावना है कि इसे Seedance 2.0 का उपयोग करके बनाया गया है.
AFP इससे पहले भी स्यूटा प्रवासी संकट से जुड़े कई अन्य भ्रामक और फ़र्ज़ी दावों का फ़ैक्ट-चेक कर चुका है.
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