श्रीलंकन क्रिकेटर से वैभव सूर्यवंशी की हाथापाई का वीडियो असल में एआई से बनाया गया है
- प्रकाशित 23 जून 2026, 14h06
- 4 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
हाल ही में एक मैच के दौरान भारत के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की श्रीलंका के एक खिलाड़ी के साथ मैदान पर तीखी बहस हुई. इसी के बाद सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्हें एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को बुरी तरह मारते और उठा कर ज़मीन पर पटकते दिखाया गया है. लेकिन वीडियो असल में एआई की मदद से बनाया गया है और इसमें मौजूद विसंगतियां से पता चलता है कि ये सिंथेटिक कंटेंट है. ओरिजिनल वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने AFP को बताया कि उसने इसे Seedance वीडियो-जेनरेशन मॉडल का इस्तेमाल करके बनाया है.
इंस्टाग्राम पर 16 जून, 2026 को एक वीडियो शेयर किया गया जिसके ऊपर लिखा है, "15 वर्षीय भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंकाई खिलाड़ियों के बीच मैदान पर तीखी बहस और धक्का-मुक्की देखी गई."
गलत दावे से शेयर वीडियो को 14,000 से ज़्यादा बार शेयर किया गया है जिसमें भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को मुक्का मारते और फिर हवा में उठाते हुए दिख रहे हैं -- जिसके बाद मामला बढ़ जाता है और हाथापाई शुरू हो जाती है.
वीडियो फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और X पर भी इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया था.
पोस्ट पर कमेंट है, "कुछ भी हुआ लेकिन उस श्रीलंकाई खिलाड़ी की पिटाई तो होनी ही चाहिए थी."
एक और कमेंट में कहा गया: "श्रीलंका के खिलाड़ी भारतीयों से लड़ना चाहते थे."
यह वीडियो तब वायरल हुआ जब 15 जून को Sri Lanka A के खिलाफ़ India A के मैच के दौरान सुपर ओवर में भारत हार गई और माहौल थोड़ा गरम हो गया (आर्काइव्ड लिंक).
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका के विशेन हलमबेज ने मैदान से बाहर जा रहे भारतीय बल्लेबाज़ों को कुछ कह कर उकसाया, जिसके कारण सूर्यवंशी ने अपना आपा खो दिया और हलमबेज को धक्का दिया. श्रीलंकाई विकेटकीपर निरोशन डिकवेला के द्वारा बीच-बचाव किया गया.
लेकिन ऐसी कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है कि सूर्यवंशी ने किसी श्रीलंकाई खिलाड़ी के साथ हाथापाई की हो.
मैदान पर हुई बहस के ब्रॉडकास्ट फ़ुटेज से तुलना करने पर यह भी पता चलता है कि वायरल हो रहे वीडियो में असल झगड़ा नहीं दिख रहा है.
गूगल पर कीवर्ड सर्च करने से उस झगड़े का फ़ुटेज मिला जिसे 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने 15 जून को अपने फ़ेसबुक पेज पर शेयर किया था (आर्काइव्ड लिंक).
फ़ुटेज में दिख रहा है कि अलग किए जाने से पहले सूर्यवंशी ने हलमबेज को धक्का दिया.
वायरल वीडियो में कुछ ऐसी दृश्य विसंगतियां भी हैं जिनसे पता चलता है कि इसे AI की मदद से बनाया गया है, जैसे कि खिलाड़ियों का अचानक से गायब हो जाना, एक जैसे चेहरे और जर्सी नंबर वाले खिलाड़ी, और खिलाड़ियों की जर्सी के पीछे नंबर और नामों का आपस में मिल जाना.
'हाइव मॉडरेशन डिटेक्शन टूल' का इस्तेमाल करके वीडियो का विश्लेषण करने पर पता चला कि इसमें "संभवतः AI-जनरेटेड या डीपफ़ेक कंटेंट" हो सकता है (आर्काइव्ड लिंक).
गलत दावे के वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर वही क्लिप मिली जो 16 जून को इंस्टाग्राम पर शेयर की गई थी (आर्काइव्ड लिंक).
यह वीडियो "mymindbase.aii" पेज पर शेयर किया गया था, जिसके बायो में लिखा है कि यह एआई जेनरेटेड क्लिप शेयर करता है.
कैप्शन में लिखा है, "क्या होता अगर सुपर ओवर के बाद वैभव सूर्यवंशी सच में आपा खो बैठते? हमने AI का इस्तेमाल करके इस वायरल क्रिकेट विवाद को फिर से बनाया और इसे एक सिनेमैटिक वीडियो में बदल दिया. क्या आप जानना चाहते हैं कि हमने कौन सा प्रॉम्प्ट इस्तेमाल किया?"
AFP से बातचीत के दौरान, धीरज गोयल -- जो उस पेज की टीम के सदस्य हैं और AI वीडियो बनाते हैं -- ने कहा कि उन्होंने Seedance 2.0 AI वीडियो-जेनरेशन मॉडल का इस्तेमाल करके यह क्लिप बनाई थी और असल वीडियो को बस बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया था.
"मैंने वीडियो के कैप्शन और वीडियो के आखिर में साफ़ तौर पर बताया था कि इसे AI का इस्तेमाल करके बनाया गया था. इस कंटेंट को AI से बने क्रिएटिव प्रोजेक्ट के तौर पर पब्लिश किया गया था और इसे कभी भी असली फ़ुटेज के तौर पर पेश करने का इरादा नहीं था," गोयल ने 18 जून को कहा.
AFP ने पहले भी ऐसे AI जेनरेटेड वीडियो को फ़ैक्ट चेक किया है, जिन्हें मैदान पर भारतीय क्रिकेटरों के बीच हुई लड़ाई के असली फ़ुटेज के दावे से शेयर किया गया है.
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