तुर्की में धार्मिक आयोजन के पुराने वीडियो को हालिया स्पेन संघर्ष से जोड़कर शेयर किया गया

सोशल मीडिया पोस्ट्स में एक वीडियो को गलत दावे से स्पेन के उत्तर अफ़्रीकी क्षेत्र स्यूटा (Ceuta) में जुलाई 2026 के अंत में प्रवासियों की आमद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. लेकिन यह वीडियो शरणार्थियों द्वारा सीमा पार कर स्यूटा में घुसने की घटनाओं से संबंधित नहीं है. वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने AFP को बताया कि इसे कई सप्ताह पहले दक्षिण-पूर्वी तुर्की में फ़िल्माया गया था और इसमें दिख रहे लोग एक धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्री हैं.

इंस्टाग्राम पर 31 जुलाई को शेयर की गई पोस्ट का कैप्शन है, "स्पेन में जबरन प्रवेश करने की कोशिश करते समय 34 अफ्रीकी प्रवासियों की दम घुटने और डूबने से मौत हो गई। स्पेनिश सरकार ने बताया कि लगभग 70,000 लोग 24 घंटे के भीतर मोरक्को से सियूटा में प्रवेश कर गए, या तो तैरकर या पैदल."

पोस्ट में शेयर किये गए 17 सेकंड के वीडियो में, जिसे 24 लाख से अधिक व्यूज़ मिले हैं, पहाड़ी रास्ते पर चलते लोगों को देखा जा सकता है.  

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गलत दावे से शेयर की गई इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें AFP द्वारा लाल X जोड़ा गया है

यह वीडियो इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर चीनी भाषा में भी शेयर किया गया, जब हज़ारों प्रवासी पास के मोरक्को के शहर निदेक (Fnideq) से तैरकर स्यूटा पहुंचे (आर्काइव्ड लिंक).

मोरक्को से स्पेन के दो उत्तर अफ़्रीकी क्षेत्रों -- स्यूटा और मेलिला (Melilla) -- में प्रवास लंबे समय से दोनों देशों के बीच राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा रहा है. लेकिन जुलाई के अंत में अवैध प्रवासियों की आमद ने स्पेन और उसके यूरोपीय संघ (EU) साझेदारों के बीच भी तनाव बढ़ा दिया.

स्पेन के गृह मंत्री फ़र्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने 5 अगस्त को कहा कि क्षेत्र में पहुंचे 72,000 में से 70,000 प्रवासियों को पहले ही वापस भेज दिया गया है. जो लोग वहां रह गए हैं, वे खराब परिस्थितियों में रह रहे हैं और उन्हें आश्रय, भोजन, पानी और स्वच्छता सुविधाओं की सीमित उपलब्धता है, जैसा कि AFP संवाददाताओं ने स्यूटा में देखा और रिपोर्ट भी किया है.

स्पेनिश अधिकारियों ने 6 अगस्त को कहा कि स्यूटा पहुंचने की कोशिश करते हुए कम से कम 80 प्रवासियों की मौत हुई है (आर्काइव्ड लिंक).

लेकिन ऑनलाइन शेयर किया गया यह वीडियो स्पेन पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासियों का नहीं है.

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि यह वीडियो 5 जुलाई को, स्यूटा संकट से कई सप्ताह पहले, इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).

अकाउंट के ओनर बेदरी जानेर (Bedri Caner) ने 31 जुलाई को AFP को बताया, "मैंने यह वीडियो 28 दिन पहले माउंट जुडी (Mount Cudi) पर रिकॉर्ड किया था, जहां धार्मिक मान्यता के अनुसार नोवा आर्क स्थित है."

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और इंस्टाग्राम वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

जानेर, जो तुर्की के डिजिटल मीडिया संस्थान शिरनाक हैबर 73 (Sirnak Haber 73) में पत्रकार हैं, ने यह वीडियो टिकटॉक पर भी शेयर किया था. कैप्शन में बताया गया है कि इसे दक्षिण-पूर्वी तुर्की के माउंट जुडी (Mount Cudi) पर फ़िल्माया गया था (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

उनके इंस्टाग्राम पेज पर उसी दिन और 29 जून को पोस्ट किए गए अन्य वीडियो भी मौजूद हैं, जिनमें वही परिदृश्य दिखाई देता है जो गलत दावे के साथ शेयर किए गए वीडियो में दिखता है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

एक फ़ेसबुक यूज़र ने भी एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वही तंबू दिखाई देते हैं जो बाद में गलत दावे वाले वीडियो में नज़र आते हैं (आर्काइव्ड लिंक).

जानेर ने कहा कि 4 और 5 जुलाई को एक स्मृति समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें "40,000 से 50,000 लोगों ने नोवा आर्क स्थल पर तीर्थयात्रा के उद्देश्य से भाग लिया था."

यह तीर्थयात्रा हर वर्ष जुलाई की शुरुआत में होने वाले पारंपरिक पैगंबर नोवा स्मरण समारोह (Prophet Noah Commemoration Ceremony) का हिस्सा है. इस वर्ष का पांचवां वार्षिक उत्सव तुर्की संसद के अध्यक्ष नुमान कुर्तुलमुस (Numan Kurtulmus) की उपस्थिति में आयोजित हुआ था (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां).

शिरनाक हैबर 73 ने 5 जुलाई को इस समारोह पर प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में जानेर के वीडियो को भी शामिल किया था (आर्काइव्ड लिंक).

AFP ने स्यूटा में प्रवासियों की आमद से जुड़े कई अन्य भ्रामक दावों का फ़ैक्ट-चेक किया है.

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11 अगस्त 2026 मेटाडेटा अपडेट किया गया

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