एक वाहन पर बैठ 23 अगस्त, 2021 को काबुल की सड़कों पर गश्त लगातें तालिबानी लड़ाके ( AFP / Wakil KOHSAR)

टोलो न्यूज़ के पत्रकार की तालिबान द्वारा हत्या की झूठी अफवाह वायरल

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कई मीडिया आउटलेट्स और सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा शेयर किया कि तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान के मीडिया चैनल टोलो न्यूज़ (TOLONews) के रिपोर्टर की हत्या कर दी है. ये दावा ग़लत है: ज़ियार खान याद ने बताया कि तालिबानियों ने रिपोर्टिंग के दौरान उनके साथ मारपीट की. टोलो ने इसी के बारे में ट्वीट किया था जिसका गूगल ट्रांसलेट ग़लत फ़हमी का कारण बना.

इस दावे वाला एक भ्रामक फ़ेसबुक पोस्ट 26 अगस्त, 2021 को यहां किया गया.

इसके कैप्शन में लिखा गया, "#SHOCKING काबुल में तालिबान ने टोलो न्यूज़ रिपोर्टर की हत्या की, टोलो न्यूज़."

भारतीय न्यूज़ वेबसाइट मिरर नाउ, लोकमत और NTV तेलुगु समेत कई मीडिया संस्थानों ने इस 'हत्या' की रिपोर्ट छापी. इसे फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी शेयर किया गया.

टोलो न्यूज़ अफ़ग़ानिस्तान का न्यूज़ नेटवर्क है जो हाल ही में सुर्ख़ियों में था. दरसल इसकी एक महिला रिपोर्टर ने बताया था कि तालिबान के कब्ज़े के बाद उनके चैनल में काम करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया.

तालिबान ने लम्बे समय से महिला पत्रकारों को प्रतिबंधित करना और उनके साथ अन्य ज़ुल्म करना जारी रखा है. और अब इस देश पर कब्ज़े के बाद मानवाधिकार से जुड़ी चिंताए बढ़ गयी हैं.

लेकिन रिपोर्टर की हत्या का दावा ग़लत है.

उन्होंने AFP से इसकी पुष्टि की कि वो अभी जीवित हैं.

उन्होंने एक ट्वीट में बताया कि उनकी मौत की खबरें ग़लत हैं.

उन्होंने लिखा, "मुझे काबुल के न्यू सिटी में रिपोर्टिंग के दौरान तालिबान ने मारा-पीटा. कैमरा, अन्य सामान और मेरा फ़ोन भी रख लिया. कुछ लोगों ने मेरी मौत की ख़बर फैला दी जो ग़लत है. तालिबान अपने लैंड क्रूजर से उतरे और गोली की नोक पर मुझे पीटा."

आउटलेट ने इस घटना पर रिपोर्ट ट्वीट किया जिसके अनुवाद से ग़लत फ़हमी पैदा हुई.

AFP के तेहरान ब्यूरो के एक पत्रकार ने बताया कि इस ट्वीट का असल मतलब है, "काबुल में टोलो न्यूज़ के पत्रकार को तालिबान ने पीटा." लेकिन गूगल ट्रांसलेट ने इस ट्वीट का इंग्लिश अनुवाद कुछ यूं किया, "TOLOnews reporter killed by Taliban in Kabul." इसका हिंदी में मतलब है- "काबुल में तालिबान ने टोलो न्यूज़ रिपोर्टर की हत्या की."

( Uzair RIZVI)

इस ट्वीट में टोलो न्यूज़ की रिपोर्ट है जिसमें पत्रकार से साथ हुई मारपीट की जानकारी दी गयी है.

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