मिस्र में ऊंटों की दौड़ का पुराना वीडियो हालिया ईरान-अमेरिका संघर्ष से जोड़कर वायरल

अमेरिका द्वारा मिडिल ईस्ट में भारी सैन्य तैनाती के बाद ईरान के सेना प्रमुख ने कहा कि उनके देश की सेना हाई अलर्ट पर है. इसी बीच सोशल मीडिया पर रेगिस्तान में तेज़ रफ़्तार भागती सैकड़ों पिकअप गाड़ियों का एक वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि दुनिया भर से मुसलमान ईरान की मदद के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि यह वीडियो सबसे पहले दिसंबर 2025 में शेयर किया गया था और इसे फ़िल्म करने वाले व्यक्ति ने एएफ़पी को बताया यह मिस्र के सिनाई प्रांत में ऊंटों की पारंपरिक दौड़ का फ़ुटेज है जिसमें उस रास्ते का पीछा करती गाड़ियां भी दिख रही हैं.

फ़ेसबुक पर 31 जनवरी 2026 को शेयर किए गए एक वीडियो का कैप्शन है, "अमेरिका और इसराइल समुद्र के रास्ते से ईरान पर हमला करने की तैयारी में है इसीलिए पूरे मुस्लिम कॉम ईरान पहुंच रही है लड़ने के लिए माशा अल्लाह".

वीडियो के ऊपर यही कैप्शन टेक्स्ट के रूप में दिखता है और इसमें रेत के टीलों पर तेज़ी से दौड़ती सैकड़ों सफ़ेद पिकअप गाड़ियां नजर आती हैं.

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

वीडियो को फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी इसी तरह के दावों के साथ शेयर किया गया.

ज्ञात हो कि हाल ही में अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत की अगुवाई में नौसैनिक स्ट्राइक ग्रुप मध्य पूर्व में भेजा है (आर्काइव्ड लिंक).

पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर बातचीत कर रहे हैं, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है ईरान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सामना करने के बजाय समझौता करेगा (आर्काइव्ड लिंक).

ज़ाहिर है कि इस सैन्य तैनाती से इस इलाके में सीधे टकराव की आशंकाएं बढ़ गई हैं लेकिन ईरान ने भी चेतावनी दी है कि हमले की स्थिति में वह अमेरिकी ठिकानों, जहाज़ों और सहयोगियों, खासकर इज़रायल, पर मिसाइल हमले करेगा.

ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी ने भी अमेरिका और इज़रायल को किसी भी हमले से बचने की चेतावनी दी और कहा कि उनकी सेना हाई अलर्ट पर है.

हालांकि वायरल वीडियो वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालिया तनाव से जुड़ा नहीं है.

गलत दावे वाले वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर वही फ़ुटेज 15 दिसंबर 2025 को टिकटॉक पर पोस्ट की गई मिली (आर्काइव्ड लिंक).

पोस्ट का अरबी भाषा में कैप्शन है, "माशा अल्लाह, बरकत करने वाला है सबसे मेहरबान, सिनाई के बेदुइन, मिस्र के बेदुइन."

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गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बायें) और टिकटॉक के वीडियो के स्क्रीनशॉट के बीच तुलना

वीडियो पोस्ट करने वाले यूज़र अबू रबी अल-तुरबानी ने एएफ़पी को बताया कि उन्होंने इसे 15 दिसंबर 2025 को "सिनाई के बीचों-बीच, जिफजाफा के पास" फ़िल्माया था.

उन्होंने 10 फ़रवरी को कहा, "उस दिन सिनाई के कई कबीलों के बीच ऊंटों की दौड़ हुई थी, जिसे तराबिन जनजाति (सिनाई की सबसे बड़ी जनजातियों में से एक) ने जीता था. वीडियो में ऊंटों के साथ-साथ चार पहिया गाड़ियां भी दौड़ती दिख रही हैं."

ऊंटों की दौड़ कई अरब देशों, खासकर खाड़ी क्षेत्र में एक लोकप्रिय पारंपरिक खेल है (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी की 2020 में मिस्र के दक्षिण सिनाई रेगिस्तान में हुई इसी तरह की ऊंट दौड़ की तस्वीरों में भी रेस के रास्ते के साथ गाड़ियां चलती दिखती हैं.

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कोरोना वायरस के कारण छह महीने से ज़्यादा समय के अंतराल के बाद, 12 सितंबर, 2020 को मिस्र के दक्षिण सिनाई रेगिस्तान में एक दौड़ के दौरान मिट्टी के ट्रैक पर दौड़ते हुए ऊंट (AFP / Khaled DESOUKI)

ईरान से जुड़े अन्य फर्ज़ी दावों को एएफ़पी ने यहां फ़ैक्ट-चेक किया है. 

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