ग्रीस का पुराना वीडियो ईरान में आगजनी के गलत दावे से वायरल
- प्रकाशित 19 जनवरी 2026, 12h39
- 2 मिनट
- द्वारा Chayanit ITTHIPONGMAETEE, AFP Thailand, एफप भारत
- अनुवाद और अनुकूलन Sachin BAGHEL
ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कुछ लोग सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले करते हुए तोड़फोड़ कर रहे हैं. हालांकि असल वीडियो नवंबर 2025 में ग्रीस में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान फ़िल्माया गया था.
फ़ेसबुक पर एक यूज़र ने 11 जनवरी 2026 को वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "ईरान के लगभग 180 शहर एक साथ जल रहे हैं एक और इस्लामिक कट्टरपंथी देश ख़त्म होने की कगार पर है."
यह दावा ऐसे समय किया जा रहा है जब ईरान में लगातार कई रातों से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे हैं. ये प्रदर्शन बढ़ती महंगाई के खिलाफ़ गुस्से और 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से देश पर शासन कर रही धार्मिक व्यवस्था को खत्म करने की बढ़ती मांगों को लेकर शुरू हुए थे (आर्काइव्ड लिंक).
इन प्रदर्शनों पर की गई सख़्ती को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नाराज़गी बढ़ी है. एक मानवाधिकार संगठन के अनुसार इस कार्रवाई में संभवतः हज़ारों लोग मारे गए हैं (आर्काइव्ड लिंक).
यह वीडियो इसी तरह के दावों के साथ थाई और चीनी भाषाओं में शेयर किया गया.
हालांकि, वायरल हो रहा यह वीडियो ईरान में हुए किसी विरोध प्रदर्शन का नहीं है.
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के की-फ़्रेम की मदद से गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर यही फ़ुटेज 3 नवंबर 2025 को ग्रीस के अख़बार 'Ta Nea' के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की गई मिली (आर्काइव्ड लिंक).
कैप्शन के मुताबिक, यह वीडियो एक कॉन्सर्ट के बाद ग्रीस के थेसालोनिकी शहर में हुई हिंसक झड़पों का है. इसमें बताया गया कि पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ़्तार किया था.
ग्रीस के दैनिक अख़बार कैथिमेरिनी और वीडियो एजेंसी न्यूज़ फ़्लेयर ने भी झड़प की तस्वीरें और वीडियो अलग-अलग एंगल से प्रकाशित किए हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
रिपोर्ट्स के मुताबिक ये झड़पें 2 नवंबर, 2025 की तड़के तुर्की वाणिज्य दूतावास के पास हुईं. यह घटना एक ग्रीक रैपर के कॉन्सर्ट के बाद हुई थी. बताया गया कि सैकड़ों नकाबपोश युवाओं ने पुलिस पर हमला किया और मोलोटोव कॉकटेल फेंके, जबकि पुलिस ने जवाब में आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
वीडियो में दिख रहे कई दृश्य गूगल स्ट्रीट व्यू पर दूतावास के पास की सड़कों से मेल खाते हैं (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी इससे पहले भी ईरान में चल रहे प्रदर्शनों से जुड़े गलत दावों को फ़ैक्ट चेक कर चुका है.
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