जबलपुर क्रूज़ हादसे के दावे से वायरल ये मार्मिक तस्वीर दरअसल एआई जेनरेटेड है
- प्रकाशित 20 मई 2026, 12h14
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में 30 अप्रैल, 2026 को क्रूज़ बोट पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई, लेकिन ऑनलाइन शेयर हो रही तस्वीर, जिसमें कथित तौर पर एक महिला और उसके बच्चे को दुर्घटना में मृत दिखाया गया है, असल में एआई जेनरेटेड है. एएफ़पी के विश्लेषण से पता चलता है कि तस्वीर में कई दृश्य विसंगतियां हैं, जो इस बात का संकेत देती हैं कि इसे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से बनाया गया है.
फ़ेसबुक पर 1 मई को एक पोस्ट शेयर किया गया जिसका कैप्शन है, "एक माँ अपनी औलाद के लिए अपनी जान भी दांव पे लगा देती है - जबलपुर में हुई क्रूज डूबने की दुर्घटना की दर्दनाक तस्वीर."
"मां लाइफ जैकेट पहने हुए थी यह कभी डूब नहीं सकती थी लेकिन अफसोस बच्चा लाइफ़ जैकेट नहीं पहना था और अपने बच्चे को बचाने की उम्मीद में यह मां की जान भी चली गई और बच्चे की भी जान चली गई."
पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर में लाइफ़ जैकेट पहने एक महिला का शव दिखता है जिसकी गोद में एक बच्चा नज़र आ रहा है.
चेतावनी
मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित एक क्रूज़ बोट, जिसमें 40 से अधिक लोग सवार थे, 30 अप्रैल को तूफ़ान की चपेट में आकर पलट गई, जिसके बाद से गलत दावे से ये तस्वीर शेयर की जाने लगी (आर्काइव्ड लिंक).
इस दुर्घटना में महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि बचाव दल ने 28 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया.
दुर्घटना के कुछ दिनों बाद, राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया (आर्काइव्ड लिंक).
दुर्घटना की खबर ऑनलाइन फैलने के साथ ही यह तस्वीर फ़ेसबुक और X पोस्ट्स में शेयर की जाने लगी; कमेंट्स से पता चलता है कि यूज़र्स ने इसे दुर्घटना से जुड़ी असल तस्वीर मान लिया है.
एक व्यक्ति ने लिखा, "निशब्द कर देने वाला दृश्य. मौत भी इस प्यार को अलग नहीं कर सकी. ईश्वर दोनो आत्माओं को शांति प्रदान करे," जबकि एक अन्य ने कमेंट किया: "यह दृश्य आत्मा को आहत करने वाला है. यह बहुत ही रूला देने वाला दृश्य है."
भारतीय मीडिया ने दुर्घटना के पीड़ितों की तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जिसे देखने पर पता चलता है कि सामान दावे से ऑनलाइन शेयर की जा रही दूसरी तस्वीर एआई जेनरेटेड है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
दृश्य विसंगतियां -- जैसे महिला की बांह और बच्चे की पीठ पर हाथ का अस्पष्ट चित्रण, बच्चे के कान के फ़ीचर्स का अभाव और महिला के कंगन की अजीब बनावट -- इशारा करती हैं की तस्वीर एआई जेनरेटेड है.
चेतावनी
एएफ़पी ने इस तस्वीर को इमेज विस्परर नाम के एआई इमेज डिटेक्टर टूल से स्कैन किया, जिससे पता चला कि 99 प्रतिशत संभावना है कि यह एआई द्वारा बनाई गई है (आर्काइव्ड लिंक).
जबलपुर ज़िला प्रशासन ने भी 1 मई को अपने X अकाउंट पर कहा कि यह तस्वीर एआई जेनरेटेड है और इसका बरगी क्रूज़ दुर्घटना से कोई संबन्ध नहीं है (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने पहले भी एआई द्वारा बनाएं गए कंटेंट से उत्पन्न गलत दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.
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