पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा के वीडियो को गलत दावे से 'कॉकरोच' विरोध प्रदर्शनों से जोड़ा गया
- प्रकाशित 11 अगस्त 2026, 08h49
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, AFP भारत
भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जिसके बाद उन्हें ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो दरअसल पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता प्रणयिता दास पर हुए हमले का है, ना कि कंगना रनौत के साथ हुई कथित मार पीट का. स्थानीय पुलिस ने भी AFP को पुष्टि की कि वीडियो में दिख रही महिला रनौत नहीं हैं.
फ़ेसबुक पर 2 अगस्त, 2026 को शेयर किए गए पोस्ट में लिखा है, "(Gen Z) पर बयान के बाद बढ़ा विवाद, कार से उतरते ही कंगना रनौत को महिलाओं ने घेरा, कथित थप्पड़बाज़ी."
वीडियो पर लिखे हिंदी टेक्स्ट में भी मोटे तौर पर यही दावा किया गया है.
अभिनेत्री कंगना रनौत वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव जीतकर सांसद बनी हैं (आर्काइव्ड लिंक).
पोस्ट के साथ जुड़े वीडियो में लोगों की भीड़ एक महिला को कार से बाहर खींचती और मारती-पीटती दिखाई दे रही है, जबकि पुलिस अधिकारी उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही आस-पास खड़े लोग अपने मोबाइल पर घटना का वीडियो बना रहे हैं.
चेतावनी
25 जुलाई को भारतीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद, यह फ़ुटेज फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X पर भी दिखाई दिया. इस इस्तीफ़े के साथ ही नई दिल्ली के जंतर मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में हफ़्तों से चल रहा विरोध-प्रदर्शन भी ख़त्म हो गया (आर्काइव्ड लिंक).
यह आंदोलन नीट पेपर लीक मामले पर भारी छात्र आक्रोश की वजह से शुरू हुआ था, जिसमें शिक्षा में सुधार की मांग, बेरोज़गारी की चिंता, युवाओं के लिए अवसरों की कमी और आलोचकों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती सत्तावादी कार्यशैली जैसे मुद्दे भी शामिल थे (आर्काइव्ड लिंक).
रनौत ने इंस्टाग्राम पर युवा प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए उन्हें "गटर जनरेशन" कहा (आर्काइव्ड लिंक).
उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी आलोचना हुई, जिस पर CJP के फ़ाउंडर अभिजीत दिपके का कहना था कि, "उन्हें गंभीरता से कौन लेता है?" (आर्काइव्ड लिंक).
हमले के वीडियो को सही बताने वाले कमेंट्स से पता चलता है कि कुछ यूज़र्स ने इसे सच माना.
एक यूज़र ने लिखा, "जो कोई भी हमारी बेटियों के बारे में बुरा बोलता है, उसे सज़ा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो."
लेकिन असल में यह क्लिप पश्चिम बंगाल में विपक्षी पार्टी 'तृणमूल कांग्रेस' (TMC) के एक नेता की बेटी पर हुए हमले का है.
असंबंधित वीडियो
गलत दावे से शेयर किए गए क्लिप के कीफ़्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर वही फ़ुटेज 30 जुलाई को फ़ेसबुक पर पोस्ट किया हुआ मिला (आर्काइव्ड लिंक).
इसका बंगाली भाषा का कैप्शन है, "कृष्णा दास की बेटी के जलपाईगुड़ी कोतवाली पुलिस स्टेशन पहुंचने पर जनता का आक्रोश भड़क उठा."
वीडियो पर ऊपर लिखा बंगाली भाषा का टेक्स्ट लगभग कैप्शन को ही दोहराता है.
चेतावनी
न्यूज़ वेबसाइट 'द टेलीग्राफ़' की रिपोर्ट के अनुसार TMC सदस्य और पार्टी के ही वरिष्ठ पूर्व नेता की बेटी प्रणयिता दास पर जलपाईगुड़ी पुलिस स्टेशन के बाहर हमला किया गया था जो चुनाव के बाद हुई हिंसा के एक मामले की जांच के सिलसिले में वहां पहुंची थीं (आर्काइव्ड लिंक).
4 मई को आए चुनाव नतीजों के बाद -- जिनमें पश्चिम बंगाल में TMC की हार हुई -- भाजपा के एक सदस्य पर हमले के आरोप में दास और उनके पिता का नाम एक मामले में दर्ज किया गया था.
AFP ने जलपाईगुड़ी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और एक सब-इंस्पेक्टर ने पुष्टि की कि वीडियो स्टेशन परिसर में ही शूट किया गया था और उसमें प्रणयिता दास दिख रही हैं.
उन्होंने 4 अगस्त को AFP को बताया, "वीडियो में दिख रही महिला कंगना रनौत नहीं हैं."
AFP ने पहले भी CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी गलत सूचनाओं को फ़ैक्ट चेक किया है.
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