ये तस्वीर एक महिला सैनिक की है, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की पत्नी की नहीं

कॉपीराइट AFP 2017-2022. सर्वाधिकार सुरक्षित.

यूक्रेन में चल रहे रूस के हमले के दौरान ही सोशल मीडिया पर सेना की वर्दी पहने एक महिला सैनिक की तस्वीर को हज़ारों बार शेयर किया गया है. इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वो यूक्रेन के राष्ट्रपति की पत्नी है. ये दावा ग़लत है; ये तस्वीर यूक्रेन की एक महिला सैनिक की है जिसे अगस्त, 2021 में एक सैन्य अभ्यास के दौरान लिया गया था. 11 मार्च , 2021 तक आधिकारिक रूप से ऐसी कोई भी रिपोर्ट नहीं मिली है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति की पत्नी ओलेना जेलेंस्का प्रत्यक्ष रूप से सैन्य अभियान में शामिल हुई हों.

तस्वीर को फ़ेसबुक पर यहां 2 मार्च, 2022 को शेयर किया गया है.

तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, "यूक्रेन के राष्ट्रपति की पत्नी."

भ्रामक पोस्ट का स्क्रीनशॉट ( Uzair RIZVI)

रूस के अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमले के बाद से ही एक घातक संघर्ष और नागरिक आपदा शुरू हुई है. इसमें अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं और दो सप्ताह से भी कम समय में लगभग 20 लाख लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है.

ओलेना जेलेंस्का ने 8 मार्च, 2022 को वैश्विक मीडिया को लिखे एक ओपन लेटर में इस आक्रमण को "यूक्रेनी नागरिकों की सामूहिक हत्या" के रूप में बताया साथ ही यूक्रेन पर नो फ़्लाई जोन लागू करने का भी आह्वान किया. AFP की रिपोर्ट पढ़ें.

11 मार्च, 2022 तक ऐसी कोई भी आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है जिसके अनुसार ओलेना या उनके पति व्लादिमीर जेलेंस्की सीधे लड़ाई में शामिल हों.

इसी तरह के दावे के साथ ही इस तस्वीर को यहां और यहां फ़ेसबुक पर शेयर किया गया है.

हालांकि दावा ग़लत है.

यूक्रेनी सैनिक

तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर ये हमें यूनाइटेड किंगडम की फ़ोटो एजेंसी अलामी की वेबसाइट पर 22 अगस्त, 2021 को प्रकाशित की हुई मिली.

फ़ोटो के कैप्शन में लिखा है, "कीव, यूक्रेन- 22 अगस्त 2021: यूक्रेन के 30 साल के स्वतंत्रता के अवसर पर सैन्य परेड का पूर्वाभ्यास. ख्रेशचैटिक सड़क पर मुस्कुराती यूक्रेन की महिला सैनिक."

यूक्रेन की राजधानी कीव में ख्रेशचैटिक स्ट्रीट मुख्य सड़क है.

नीचे भ्रामक पोस्ट (बायें) और अलामी फ़ोटो (दायें) की तस्वीर के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट (बायें) और अलामी फ़ोटो (दायें) की तस्वीर के बीच एक तुलना

कनाडा की फोटो एजेंसी इस्टॉकफोटो की वेबसाइट पर भी ये तस्वीर बिल्कुल समान दावे के साथ प्रकाशित की गई है.

नीचे भ्रामक पोस्ट की तस्वीर (बायें) और AFP द्वारा ली गई जेलांस्का की तस्वीर (दायें) के बीच एक तुलना है.

भ्रामक पोस्ट की तस्वीर (बायें) और AFP द्वारा ली गई जेलांस्का की तस्वीर (दायें) के बीच एक तुलना

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से ही सोशल मीडिया पर ग़लत और भ्रामक सूचनाओं की बाढ़ सी आ गई है. इनसे जुड़े AFP के फ़ैक्ट-चेक यहां पढ़ें.

( Uzair RIZVI)
यूक्रेन संघर्ष