फ़ीफ़ा विश्व कप: मंच पर 4 लोगों के इस्लाम कुबूल करने के दावे से वायरल क्लिप पुराना है

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो इस गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह क़तर में चल रहे फ़ीफ़ा विश्व कप के उद्घाटन समारोह में एक इस्लामी उपदेशक द्वारा "चार लोगों को इस्लाम में धर्म परिवर्तन" करते हुए दिखाता है. हालांकि ये फ़ुटेज, जिसे हज़ारों बार देखा गया है, क़तर की राजधानी दोहा में एक इस्लामी धर्म परिवर्तन से जुड़ी एक पोस्ट में कम से कम 2016 से ऑनलाइन देखा गया है. उस समय की रिपोर्ट्स में समारोह को होस्ट कर रहे व्यक्ति की पहचान विवादास्पद भारतीय इस्लामी उपदेशक डॉ ज़ाकिर नाइक के रूप में की गई है.

लगभग 30 सेकेंड के इस वीडियो को फ़ेसबुक पर 20 नवंबर को शेयर किया गया है, ये वही दिन है जब क़तर में फ़ीफ़ा विश्व कप की शुरुआत हुई थी.

वीडियो को लगभग 1000 से अधिक बार देखा जा चुका है.

वीडियो में दिखाया गया है कि सफ़ेद रंग की पारंपरिक पोशाक पहने हुए एक व्यक्ति के साथ मंच पर चार आदमी खड़े हैं और एक अन्य व्यक्ति काले सूट और इस्लामी टोपी (सबसे बायें) पहने हुए है.

काले सूट में आदमी को वीडियो में शाहदाह यानी इस्लाम में विश्वास की शपथ का पाठ करते हुए सुना जा सकता है, और दाईं ओर के चार लोग उसे दोहराते हुए दिखाई देते हैं.

पोस्ट के कैप्शन में लिखा है; “अल्हम्दुलिल्लाह: क़तर में डॉ जाकिर नाइक के भाषण के बाद 4 लोगों ने किया इस्लाम कबूल. फ़ीफ़ा वर्ल्डकप में जाकिर नाइक साहब जी का यह पहला लेक्चर है.”

गलत दावे से शेयर की जा रही फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट, 23 नवंबर 2022

वीडियो को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक और ट्विटर पर शेयर किया गया है.

आपको बता दें कि ये दावा गलत है.

गूगल पर कीवर्ड और रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें बिल्कुल यही फ़ुटेज मिला, जिसे क़तारी अखबार अल-शर्क के पूर्व संपादक जाबेर अल-हरमी ने 27 मई, 2016 को ट्वीट किया था.

कैप्शन में लिखा है: "क़तर के क़तारा में डॉ ज़ाकिर नाइक के एक व्याख्यान के बाद चार लोगों ने इस्लाम में अपने धर्मांतरण की घोषणा की."

भ्रामक फ़ेसबुक पोस्ट में शेयर किए गए वीडियो (बायें) और 2016 में जाबेर अल-हरमी द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो (दायें) के स्क्रीनशॉट की तुलना नीचे दी गई है:

नाइक के साथ इस कार्यक्रम को क़तारा कल्चरल विलेज की दोहा स्थित एसोसिएशन की वेबसाइट, Katara.net द्वारा प्रकाशित किया गया था, जो क़तर के शाही परिवार द्वारा समर्थित है.

वेबसाइट के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने यहां और यहां कार्यक्रम की तैयारी की तस्वीरें भी ट्वीट की थीं.

अल जज़ीरा अरबी ने 27 मई, 2016 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की जिसमें उसी घटना का एक समान वीडियो शामिल था.

रिपोर्ट की हेडलाइन का अनुवाद इस प्रकार है: "गवाह: दोहा में ज़ाकिर नाइक के एक व्याख्यान के बाद 4 लोगों ने इस्लाम में अपने धर्मांतरण की घोषणा की."

रिपोर्ट में लिखा है: "भारतीय इस्लामी उपदेशक ज़ाकिर नाइक द्वारा क़तारा, दोहा में आयोजित कार्यक्रम के बाद 4 लोगों ने इस्लाम अपनाने की घोषणा की.

अनुवाद और अनुकूलन:
Word Cup 2022