
अज़ान के दौरान रोके गए फ़ुटबॉल मैच का पुराना वीडियो फ़ीफ़ा विश्व कप से जोड़कर वायरल
- यह आर्टिकल एक साल से अधिक पुराना है.
- प्रकाशित 8 दिसंबर 2022, 12h54
- 3 मिनट
- द्वारा Anuradha PRASAD, एफप भारत
- अनुवाद और अनुकूलन Devesh MISHRA
कॉपीराइट © एएफ़पी 2017-2025. इस कंटेंट के किसी भी तरह के व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत पड़ेगी. अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
वीडियो को फ़ेसबुक पर 28 नवंबर 2022 को शेयर किया गया है जहां इसे 700 से अधिक बार देखा जा चुका है.
वायरल क्लिप में एक फ़ुटबॉल मैच चल रहा है. इसी बीच अज़ान की आवाज़ सुनाई देती है और रेफ़री द्वारा सीटी बजाकर मैच रोक दिया जाता है. स्टेडियम में बैठे दर्शक इसका अभिवादन करते हैं.
वीडियो के ऊपर अंग्रेज़ी में लिखा है, "अज़ान के समय खेल बंद हो गया, माशाअल्लाह.”
पोस्ट के कैप्शन में लिखा है: "अजान के वक्त दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल गेम रोक दिया गया जिसके ट्रॉफी की कीमत 1 अरब 44 करोड़ 57 लाख 51 हजार है और अफसोस हमसे हमारे कामकाज नहीं रुकते हैं."
पोस्ट में विश्व कप ट्रॉफ़ी की कीमत करीब '1 अरब 44 करोड़ 57 लाख 51 हजार' बताई गयी है.

लगभग 27 सेकेंड की इस वीडियो क्लिप को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और ट्विटर पर यहां शेयर किया गया है.
इसके अलावा वीडियो को यूट्यूब पर भी यहां, यहां शेयर किया गया है.
हालांकि वीडियो पुराना है, हालिया क़तर विश्व कप का नहीं.
सऊदी अरेबियन कप मैच
गूगल पर की-वर्ड सर्च करने पर हमने पाया कि यह क्लिप 25 जनवरी, 2018 को ब्रिटिश स्पोर्ट्स वेबसाइट द स्पोर्ट्समैन के एक ट्वीट में शेयर किये गए एक लंबे वीडियो से मेल खाती है.
ट्वीट के कैप्शन में लिखा है: "95वें मिनट में सऊदी अरब कप के खेल को रोकने के बाद मार्क क्लैटेनबर्ग के लिए बहुत सम्मान, जब स्पीकर पर प्रार्थना के लिए कॉल आया."
गलत दावे के साथ शेयर की गई पोस्ट वाली क्लिप द स्पोर्ट्समैन द्वारा शेयर किए गए वीडियो में 2-सेकंड से 29-सेकंड के टाइमस्टैंप से मेल खाती है.
स्पोर्ट्समैन के ट्वीट को हांगकांग की मुस्लिम काउंसिल द्वारा 26 जनवरी, 2018 को प्रकाशित एक आर्टिकल में शेयर किया गया है.
लेख के अनुसार, इंग्लिश प्रीमियर लीग के एक पूर्व अधिकारी क्लैटनबर्ग ने अल-फ़िहा और अल-फ़तेह के बीच सऊदी किंग्स कप मैच को दो मिनट के लिए रोक दिया, जब स्टेडियम में पास की एक मस्जिद से अज़ान की आवाज़ सुनाई देने लगी.
नीचे भ्रामक पोस्ट में शेयर की गई क्लिप (बाएं) और 2018 के वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना है:

क्लैटेनबर्ग के इस फैसले को अल-जज़ीरा और बीबीसी की रिपोर्टों में भी शामिल किया गया था, जिसमें कहा गया था कि रेफ़री ने "देश में फ़ुटबॉल प्रशंसकों से व्यापक प्रशंसा" अर्जित की थी.
AFP ने क़तर में होने वाले विश्व कप के बारे में अन्य गलत और भ्रामक दावों का फ़ैक्ट चेक यहां किया है.
