
मेक्सिको में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी को जलाने का वीडियो गलत दावे से शेयर किया गया
- यह आर्टिकल एक साल से अधिक पुराना है.
- प्रकाशित 16 नवंबर 2023, 14h16
- 4 मिनट
- द्वारा Devesh MISHRA, एफप भारत
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चेतावनी: हिंसक दृश्य
वीडियो को X (पूर्व में ट्विटर) पर 30 अक्टूबर 2023 को यहां शेयर किया गया है.
पोस्ट के साथ लिखे अंग्रेज़ी कैप्शन का हिंदी अनुवाद है, “ब्रेकिंग: इज़रायल विरोधी और यहूदी विरोधी आतंकवाद समर्थक प्रदर्शनकारियों ने लंदन में पुलिस अधिकारियों को जला दिया. हिंसक मुसलमान 'सभी यहूदियों को मार डालो' 'हम इंग्लैंड में शरिया कानून चाहते हैं' और 'सभी काफिरों को मार डालो' जैसे नारे भी लगा रहे हैं. सभी मुस्लिम आतंकवादियों को ब्रिटेन से निर्वासित किया जाना चाहिए. वायरल करने के लिए रीट्वीट करें.”
लगभग 14-सेकंड का ये वीडियो, जिसे 75,000 से अधिक फॉलोवर्स वाले अकाउंट द्वारा शेयर किया गया है, लोगों के एक समूह द्वारा मोटरसाइकिल पर बैठे पुलिसकर्मी पर बोतल से ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाते हुए दिखाता है.
वीडियो को इसी दावे के साथ फ़ेसबुक पर यहां, यहां और X पर यहां शेयर किया गया है.
इज़रायल की सेना द्वारा गाज़ा पट्टी पर हमला तेज करने बाद हजारों फ़िलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने युद्धविराम की मांग करते हुए लंदन में एक मार्च का आयोजन किया था, जिसके बाद ही इस पोस्ट को शेयर किया जाने लगा.
इज़रायली अधिकारियों के अनुसार 7 अक्टूबर को गाज़ा सीमा पर हमास के बंदूकधारियों के हमले के बाद इज़रायल ने गाज़ा पट्टी पर अपना बमबारी अभियान शुरू किया. हमास के हमले में 1,400 लोग मारे गए, जिनमें ज़्यादातर नागरिक थे और लगभग 240 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था.
हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जवाबी हवाई बमबारी और ज़मीनी हमले में गाज़ा में 10,800 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें ज़्यादातर आम नागरिक और उनमें कई बच्चे हैं.
28 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के संदेह में लंदन में दो प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया गया था, जबकि सोशल मीडिया पोस्ट में शेयर किया जा रहा वीडियो जून 2020 में मेक्सिको में फ़िल्माया गया था.
10 नवंबर तक लंदन में प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस अधिकारियों को आग लगाए जाने की कोई न्यूज़ रिपोर्ट नहीं है.
मेक्सिको में प्रदर्शन
वीडियो के कीफ़्रेम्स को गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के साथ रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें10 जून, 2020 को वायर एजेंसी रॉयटर्स के वेरिफ़ाइड यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए इसी वीडियो का एक लंबा संस्करण मिला (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो की हेडलाइन में लिखा है, "गुआडालाजारा में विरोध प्रदर्शन के दौरान मैक्सिकन पुलिस अधिकारी को आग लगा दी गई *ग्राफ़िक कंटेंट*.”
वीडियो के डिसक्रिप्शन में लिखा है: "गुआडालाजारा में पुलिस दुर्व्यवहार के खिलाफ़ और जियोवान्नी को न्याय दिलाने के लिये हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी को आग लगा दी गई."
गलत दावे की पोस्ट में शेयर की गई क्लिप (बाएं) और रॉयटर्स द्वारा अपलोड किए गए वीडियो (दाएं) के स्क्रीनशॉट के बीच तुलना नीचे दी गई है.
यही वीडियो यूनाइटेड किंगडम के न्यूज़पेपर द टेलीग्राफ़ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर यहां और सऊदी अरब के समाचार चैनल अल अरेबिया की वेबसाइट पर भी यहां अपलोड किया गया है (आर्काइव्ड लिंक्स यहां और यहां).
अल अरेबिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हादसा एक विनिर्माण मज़दूर जियोवान्नी लोपेज़ की पुलिस हिरासत में मौत हो जाने के बाद भड़के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ था.
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिसकर्मी की गर्दन और बायीं ओर जलने की वजह से उपचार चल रहा था. अस्पताल में उनकी हालत स्थिर थी.
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो का बारीकी से विश्लेषण करने पर इसके 4-सेकंड के मार्क पर फ़ास्ट-फ़ूड चेन मैकडॉनल्ड्स का एक साइनबोर्ड देखा जा सकता है. रॉयटर्स द्वारा शेयर किए गए वीडियो के 27-सेकंड के मार्क पर भी यही बोर्ड देखा जा सकता है.
इस जगह को यहां गुआडालाजारा में उस शॉप की गूगल मैप्स लोकशन पर देखा जा सकता है (आर्काइव्ड लिंक).
नीचे गलत दावे की पोस्ट के वीडियो (बाएं) और गूगल मैप्स पर उसी स्थान पर देखे गए बोर्ड (दाएं) के स्क्रीनशॉट की तुलना दी गई है.

एएफ़पी ने इज़रायल-हमास संघर्ष से जुड़ी अन्य गलत सूचनाओं का यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.
