महात्मा गांधी की खंडित मूर्ति की तस्वीर पश्चिम बंगाल से है, बांग्लादेश से नहीं

दिसंबर 2025 में बांग्लादेश के एक लोकप्रिय छात्र नेता की मृत्यु के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा की एक तस्वीर इस गलत दावे के साथ शेयर की गई कि हिंसा के दौरान मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया था. हालांकि, तस्वीर पश्चिम बंगाल में एक सरकारी इमारत पर हुए हमले की है. यह इमारत राष्ट्रीय चुनाव निकाय द्वारा इस वर्ष होने वाले बंगाल चुनाव से पहले मतदाता सूची संशोधन के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थी.

फ़ेसबुक पर 18 जनवरी, 2026 को एक पोस्ट शेयर किया गया था.

पोस्ट के कैप्शन का एक अंश कहता है, " बांग्लादेश में आपका स्वागत है बापू... आज बांग्लादेशियों ने STSJ (सर तन से जुदा) करके गांधी जी के प्रति अपना सम्मान दिखाया."

"सर तन से जुदा" इस्लाम में ईशनिंदा के आरोपियों का सिर कलम करने का नारा है (आर्काइव्ड लिंक).

पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर में गांधी की सिर कटी प्रतिमा दिखाई गई है.

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

लोकप्रिय छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठी, जिसके चलते भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध और बिगड़ गए हैं (आर्काइव्ड लिंक).

हादी ने 2024 में शेख हसीना को अपदस्थ करने वाले छात्र प्रदर्शनों में अहम् भूमिका निभायी थी और वे भारत के मुखर आलोचक भी रहे हैं. बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि उनके कथित हत्यारे भारत भाग गए हैं.

हिंसा के दौरान ढाका में कई इमारतों में आग लगा दी गई, जिनमें प्रमुख समाचार पत्र प्रोथोम आलो और डेली स्टार के कार्यालय भी शामिल हैं (आर्काइव्ड लिंक). आलोचकों ने इन प्रकाशनों पर भारत का पक्ष लेने का आरोप लगाया है, जहां हसीना ने शरण ली है.

भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2025 से बांग्लादेश में कम से कम 11 हिंदुओं की हत्या की गई है, जिनमें ईशनिंदा के आरोप में हिंदू कपड़ा फ़ैक्ट्री कर्मचारी दीपूचंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या भी शामिल है (आर्काइव्ड लिंक).

यह तस्वीर फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X जैसे अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स पर भी शेयर हुई है, लेकिन वास्तव में यह बांग्लादेश की नहीं बल्कि भारत के पश्चिम बंगाल राज्य में एक क्षतिग्रस्त प्रतिमा को दिखाती है.

पश्चिम बंगाल हिंसा

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर भारतीय समाचार चैनल डीसीबी न्यूज़ 24 की 16 जनवरी की एक रिपोर्ट में सामान तस्वीर मिली, जिसमें पश्चिम बंगाल राज्य के चाकुलिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा एक सरकारी इमारत में तोड़फोड़ की घटना को दिखाया गया है (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो के बंगाली कैप्शन में लिखा है, "पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन के नाम पर गांधी जी की प्रतिमा को तोड़ा गया."

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गलत दावे की तस्वीर (बाएं) और डीसीबी न्यूज 24 की वीडियो रिपोर्ट की स्क्रीनशॉट तुलना

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 15 जनवरी को पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले मतदाता सूची में संशोधन करने के चुनाव आयोग के फैसले के विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा परिसर में तोड़फोड़ करने के दौरान प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई थी (आर्काइव्ड लिंक).

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे (आर्काइव्ड लिंक).

आगे कीवर्ड सर्च से पता चला कि अन्य भारतीय समाचार आउटलेट्स ने भी क्षतिग्रस्त प्रतिमा की तस्वीरें प्रकाशित की हैं, जिनमें द टेलीग्राफ़ भी शामिल है, जिसने बताया कि 15 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी को गूगल मैप्स पर चाकुलिया कार्यालय में स्थित प्रतिमा की 2023 में ली गई एक तस्वीर भी मिली, जो गलत दावे की पोस्ट में दिखाए गए लोकेशन से मेल खाती है (आर्काइव्ड लिंक).

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गूगल मैप्स पर प्रतिमा की तस्वीर

बांग्लादेशी मुख्य सलाहकार के कार्यालय ने भी 21 जनवरी को एक X पोस्ट में इस दावे का खंडन किया (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी ने इससे पहले भी बांग्लादेश अशांति से संबंधित गलत दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.

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