बांग्लादेश में "हिंदू व्यक्ति पर हमले" के दावे से वायरल वीडियो दरअसल भारत से है
- प्रकाशित 13 जनवरी 2026, 12h52
- 3 मिनट
- द्वारा Akshita KUMARI, एफप भारत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दिसंबर 2025 से बांग्लादेश में कथित सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में कम से कम 11 हिंदुओं की हत्या हुई है. लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर किये गए वीडियो, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति पर भीड़ द्वारा हमला किया गया है, असल में पंजाब के टांडा उड़मुड़ रेलवे स्टेशन पर फ़िल्माया गया था. रेलवे पुलिस ने एएफ़पी को पुष्टि की कि उस व्यक्ति पर कथित बच्चा चोरी के संदेह पर हमला किया गया, लेकिन उसके खिलाफ़ कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई थी.
फ़ेसबुक पर 31 दिसंबर, 2025 को शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, "बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति कोई संज्ञान लेने को तैयार नही."
पोस्ट में "HinduLivesMatter" और "SaveBangladeshiHindus" जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल किया गया है.
23 सेकंड के वीडियो, जिसे 11,000 से ज़्यादा बार देखा गया है, कई लोगों को भगवा वस्त्र पहने एक व्यक्ति को पीटते दिखाता है.
दिसंबर 2025 में भारत के मुखर आलोचक रहे एक लोकप्रिय छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में हिंसा की एक और लहर उठी (आर्काइव्ड लिंक).
इन्हीं घटनाओं के बीच ढाका में कई इमारतों में आग लगा दी गई, जिनमें प्रमुख समाचारपत्र प्रोथोम आलो और डेली स्टार के कार्यालय भी शामिल थे (आर्काइव्ड लिंक).
भारतीय मिडिया के अनुसार दिसंबर 2025 से बांग्लादेश में कम से कम 11 हिंदुओं की हत्या की गई है, जिनमें कथित ईशनिंदा आरोपी हिंदू मजदूर दीपू चंद्र दास भी शामिल थे (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
क्लिप को फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और X पर इसी तरह की पोस्ट में शेयर किया गया, लेकिन साक्ष्यों से पता चलता है कि इसे बांग्लादेश में नहीं, बल्कि भारत में फ़िल्माया गया था.
असंबंधित घटना
गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो के की-फ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर वही फ़ुटेज 20 दिसंबर को इंस्टाग्राम पर शेयर किया हुआ मिला (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो के ऊपर लिखा है, "बच्चा चोर बाबा तीन साल का लड़का चुरा लिया टांडा रेलवे स्टेशन."
टांडा पंजाब के होशियारपुर ज़िले का एक कस्बा है (आर्काइव्ड लिंक).
इंस्टाग्राम हैंडल ने दिसंबर में हुई घटना के कई वीडियो शेयर किए, जिनमें से एक में कथित अपहरणकर्ता को पीटते हुए कई लोग दिखाई दे रहे हैं (आर्काइव्ड लिंक).
वीडियो में एक स्टील की बेंच पर "GIC Re" का लोगो देखा जा सकता है, जो जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (बांग्लादेश में कार्यरत नहीं) का है (आर्काइव्ड लिंक).
फ़ुटेज में दिख रहे दृश्य गूगल मैप्स पर अपलोडेड टांडा उड़मुड़ रेलवे स्टेशन की तस्वीरों से मेल खाते हैं (आर्काइव्ड लिंक).
आगे कीवर्ड सर्च करने पर, इसी घटना का एक और वीडियो मिला जो 16 दिसंबर, 2025 को एक स्थानीय मीडिया आउटलेट के इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया गया था.
वीडियो के कैप्शन में लिखा है, "घटना पंजाब के टांडा रेलवे स्टेशन की है, जहां कुछ लोग मिलकर एक साधु की जमकर पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं. आरोप है कि साधु ने एक बच्चे को चुराने की कोशिश की थी" (आर्काइव्ड लिंक).
रेलवे पुलिस के सहायक सब-इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह ने 9 जनवरी को एएफ़पी को बताया कि स्थानीय लोगों ने उस व्यक्ति की पिटाई तब की जब उसे एक बच्चे के साथ जाते देखा गया.
सिंह ने आगे कहा, "उन्हें शक था कि वह बच्चे का अपहरण करने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई."
मुख्य सलाहकार, बांग्लादेश के कार्यालय ने भी 1 जनवरी, 2026 को एक फ़ेसबुक पोस्ट में इस दावे का खंडन किया (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने पहले भी बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर किए गए हमलों से संबंधित गलत दावों को फ़ैक्ट चेक किया है.
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