आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाई गई एपस्टीन की तस्वीर को असली बताकर शेयर किया गया

यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा दोषी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन -- जिसकी 2019 में मुकदमे का इंतज़ार करते हुए जेल में आत्महत्या से मौत हो गई थी -- से संबंधित फ़ाइलों के कुछ हिस्से जारी किए जाने के बाद अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों की नामचीन हस्तियों के ऊपर आपराधिक कृत्यों में संलिप्त होने के आरोप लग रहे हैं. इसी से जोड़कर सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा बढ़े हुए बाल और दाढ़ी के साथ एक व्यक्ति की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया गया कि एप्सटीन अभी जीवित है और इज़रायल में है. लेकिन असल में तस्वीर एआई जेनरेटेड है जिसे रेडिट चैनल पर एआई कंटेट अपलोड करने वाले एक पेज पर गूगल जेमिनी के वॉटरमार्क के साथ शेयर किया गया है.

तस्वीर को फ़ेसबुक पर 8 फ़रवरी, 2026 को शेयर किया गया है जिसका कैप्शन है, "एपस्टीन ज़िंदा है..:- एक खबर वायरल है कि एपस्टीन ज़िंदा है और इज़राइल में मस्ती की ज़िंदगी जी रहा है , उसके कुछ चित्र भी वायरल हैं. और जो यहूद चरित्र है इससे लगता है कि यह सच भी हो सकता है."

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट, फ़रवरी 11, 2026, जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

अमेरिकी सरकार द्वारा 30 जनवरी को इन फ़ाइल्स से जुड़े 30 लाख से ज़्यादा नए दस्तावेज़ जारी किए गए जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित कई प्रभावशाली हस्तियों के नाम शामिल थे, जिसके बाद से यह तस्वीर कई प्लेटफ़ॉर्म्स जैसे फ़ेसबुक, थ्रेड्स और X पर इसी दावे से शेयर की गई (आर्काइव्ड लिंक).

सेक्स ट्रैफ़िकिंग के आरोपों में मुकदमे की प्रतीक्षा करते हुए एपस्टीन की 2019 में जेल में मृत्यु के बाद से उनके बारे में कई कांस्पिरेसी थ्योरी ऑनलाइन शेयर होती रही हैं (आर्काइव्ड लिंक).

जस्टिस डिपार्टमेंट की 2023 की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मेडिकल एग्जामिनर की ऑटोप्सी से पता चला है कि एपस्टीन की मृत्यु का कारण फांसी था और मृत्यु का तरीका आत्महत्या.  एपस्टीन की मौत से जुड़े इस तथ्य को अधिकारियों ने पिछले कुछ वर्षों में बार-बार दोहराया है (आर्काइव्ड लिंक).

हालांकि, ऑनलाइन शेयर की जा रही यह तस्वीर असल में एआई जेनरेटेड है.

गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर उसी इमेज के बिना क्रॉप किए हुए कई वर्ज़न मिले, जिनमें कोने में गूगल जेमिनी का वॉटरमार्क दिख रहा है. इनमें से एक वर्ज़न 1 फ़रवरी, 2026 को रेडिट फ़ोरम "r/hardaiimages" पर पोस्ट किया गया था (आर्काइव्ड लिंक).

तस्वीर के सोर्स और तथ्य के बारे में पूछने वाले कई यूज़र्स को जवाब देते हुए पोस्ट करने वाले ने लिखा, "कुछ लोग भूल रहे हैं कि हम अभी किस सबरेडिट में हैं" (आर्काइव्ड लिंक).

आगे एक कमेंट में उन्होंने लिखा, "जेमिनी वॉटरमार्क साफ़ दिख रहा है."

एक अन्य कमेंट में, एक यूज़र के यह पूछने पर कि क्या उन्होंने इसे बनाया है, पोस्ट करने वाले ने जवाब दिया : "असल में इसे मैंने ही जेमिनी के साथ बनाया है. आप हर तस्वीर के निचले दाएं कोने में जेमिनी लोगो देख सकते हैं. मुझे नहीं लगा था कि यह इतना वायरल हो जाएगा" (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी द्वारा तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च करने पर पाया कि इसे "गूगल एआई द्वारा बनाया गया" है.

गूगल के ही एक अन्य टूल SynthId -- जिसका इस्तेमाल एआई कंटेंट में अदृश्य वॉटरमार्क की  पहचान के लिये किया जाता है -- में तस्वीरों को अपलोड करने पर उसमें एआई वाटरमार्क मिले हैं.

इस तस्वीर के एआई द्वारा बनाए जाने के कई संकेत हैं जैसे ट्रैफ़िक लाइट के ऊपर ग्रीन सिग्नल का गलत स्थान, साथ ही सड़क का साइन जिसमें "तेल अवीव" का हिब्रू अनुवाद गलत है और अरबी अक्षर गायब हैं, जो आमतौर पर दिखाई देते हैं.

बोर्ड पर शहर के नामों की स्टॉक तस्वीरों में अलग-अलग हिब्रू और अरबी अक्षर दिखाई देते हैं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

एएफ़पी ने इससे पहले भी एपस्टीन से जुड़ी अन्य गलत सूचनाओं को फ़ैक्ट चेक किया है.

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रिपोर्ट की वर्तनी में सुधार किये गए हैं
20 मार्च 2026 रिपोर्ट की वर्तनी में सुधार किये गए हैं

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