यूक्रेन युद्ध का पुराना वीडियो हालिया इज़रायल-ईरान संघर्ष से जोड़कर वायरल

ईरान ने इज़रायल समेत कई खाड़ी देशों में मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए. यह आक्रमण अमेरिका और इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई के जवाब में किया गया था, जिसमें इस्लामी गणराज्य के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई थी. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो, जिसे इज़रायल के परमाणु केंद्र पर हमले का बताया जा रहा है, उससे संबंधित नहीं है. दरअसल यह 2017 में यूक्रेन के एक गोला-बारूद डिपो में हुए विस्फोट का वीडियो है. 

3 मार्च 2026 को एक्स पर शेयर किये गए वीडियो के कैप्शन का एक हिस्सा है, “ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजरायल के परमाणु ऊर्जा संयंत्र को भारी नुकसान हुआ है और रेडियो धर्मी रिसाव शुरू होने की आशंका है" 

वीडियो में एक इमारत से उठता हुआ घना धुआं दिखाई देता है, जिसके बाद उसमें विशाल विस्फोट हो जाता है. 

ईरान ने 28 फ़रवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा देशभर में बमबारी शुरू करने और अगले दिन खामेनेई की मौत की घोषणा के बाद पश्चिमी एशिया के कई देशों में जवाबी हमले किए (आर्काइव्ड लिंक). 

इज़रायल में ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई. ईरान का कहना है कि इज़रायली हमलों में एक स्कूल भी निशाना बना, जिसमें 100 से ज़्यादा लोग मारे गए.

इन हमलों में कम से कम तीन अमेरिकी सैनिकों की भी मौत हुई, जबकि खाड़ी के कई देशों को भी ईरान के हमलों का सामना करना पड़ा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों का बदला लेने की बात कही है और कहा है कि तेहरान की शासन  व्यवस्था को गिराने के लिए शुरू किया गया यह संघर्ष कई हफ़्तों तक जारी रह सकता है. 

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी द्वारा लाल X जोड़ा गया है

इज़रायल के परमाणु केंद्र पर ईरान के हमले के इसी दावे से फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ़्रीका और नाइजीरिया में भी सोशल मीडिया पोस्ट्स पर ये वीडियो शेयर किया गया. 

हालांकि, डिमोना अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाए जाने की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है. 

वायरल हो रहा वीडियो 2017 में यूक्रेन में फ़िल्माया गया था, जो हालिया हमलों की शुरुआत से सालों पहले का है. 

गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर 24 मार्च 2017 को यूट्यूब पर अपलोडेड एक समान वीडियो मिला (आर्काइव्ड लिंक). उसके डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि यह यूक्रेन के बालाक्लिया गोला-बारूद डिपो में लगी आग को दिखाता है. 

उस समय एएफ़पी ने रिपोर्ट किया था कि यूक्रेन के अधिकारियों के अनुसार पूर्वी शहर बालाक्लिया में एक हथियार डिपो में आग लगने के बाद हुए धमाकों में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और बड़ी संख्या में लोगों को वहां से निकालना पड़ा था (आर्काइव्ड लिंक). 

इसी विस्फोट से जुड़ी ऐसी ही तस्वीरें अल जज़ीरा और बीबीसी ने भी अपनी रिपोर्ट में प्रकाशित की थीं (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां). 

एएफ़पी ने उस विस्फोट से जुड़े वीडियो एवं यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रेस ऑफिस द्वारा जारी उस तस्वीर को भी प्रकाशित किया था जिसमें परिसर से धुआं उठता दिखाई दे रहा है. 

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23 मार्च 2017 को यूक्रेन के प्रधानमंत्री के प्रेस कार्यालय द्वारा जारी इस हैंडआउट तस्वीर में पूर्वी यूक्रेन के खार्किव प्रांत के बालाक्लिया शहर के पास स्थित एक सैन्य गोला-बारूद डिपो में रात भर हुई कई विस्फोटों के बाद उठता धुआं दिखाई दे रहा है. (UKRAINIAN PRESIDENTIAL PRESS SERVICE / HO)

यूक्रेनी टीवी चैनल 'वन प्लस वन टीवी' ने उस समय रिपोर्ट किया था कि गोदाम में रखे हथियार मुख्य रूप से उन यूक्रेनी सैनिकों के लिए थे जो पूर्व में रूस की सीमा से लगे इलाकों में रूस समर्थित अलगाववादियों से लड़ रहे थे (आर्काइव्ड लिंक). 

एएफ़पी ने पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़े अन्य भ्रामक दावों को भी फ़ैक्ट चेक किया है. 

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