बहरीन में भारतीय इंजीनियर को हिरासत में लेने के गलत दावे से एआई जेनरेटेड तस्वीर शेयर की गई

  • प्रकाशित 23 मार्च 2026, 06h32
  • 3 मिनट
  • द्वारा Devesh MISHRA

बहरीन ने ईरान के हमलों को लेकर "गलत खबर" फैलाने के आरोप में कम से कम 12 लोगों को गिरफ़्तर किया है. लेकिन सोशल मीडिया पोस्ट में हथकड़ी पहने एक आदमी की तस्वीर को भारतीय इंजीनियर बताकर इस गलत दावे से शेयर किया जा रहा है कि उसे इज़रायल के लिये जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है. जबकि जांच में इस तस्वीर के AI से बनी होने के संकेत मिले हैं. साथ ही बहरीन अधिकारियों ने पकड़े गये जिन छह लोगों की राष्ट्रीयता बताई है, उनमें कोई भी भारतीय नहीं है.

फ़ेसबुक पर 10 मार्च 2026 को पोस्ट की गई तस्वीर का कैप्शन है: "बहरीन में जासूसी के आरोप में भारतीय नागरिक नितिन मोहन को गिरफ्तार किया गया है. पेशे से टेलीकॉम इंजीनियर नितिन मोहन पर आरोप है कि वह इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को संवेदनशील सूचनाएं मुहैया करा रहा था."

पोस्ट में दावा किया गया कि उसने अहम जगहों की जानकारी, तस्वीरें और वीडियो इज़रायल को लीक किये हैं.

तस्वीर में एक आदमी हथकड़ी में खड़ा दिखता है और उसके पीछे दीवार पर बहरीन के गृह मंत्रालय का नाम और लोगो दिख रहा है.

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गलत दावे से शेयर की गई फ़ेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिस पर एएफ़पी द्वारा लाल X और एआई लेबल जोड़ा गया है

इस तस्वीर को इंस्टाग्राम और X पर भी इसी दावे के साथ शेयर किया गया है, जबकि इन पोस्ट में शेयर की गई तस्वीरों में आदमी एक ही है पर बैकग्राउंड अलग हैं.

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट्स के स्क्रीनशॉट्स

ईरान ने 28 फ़रवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल के हमले के बाद बहरीन समेत पश्चिम एशिया के कई देशों पर जवाबी हमले किए हैं जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है (आर्काइव्ड लिंक).

बहरीन के गृह मंत्रालय ने 8 मार्च को एक X पोस्ट में कहा कि जो लोग अहम जगहों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालते हैं, वे ईरान के हमलों में मददगार माने जाएंगे और उन पर कार्रवाई होगी (आर्काइव्ड लिंक).

अगले दिन मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने छह एशियाई लोगों को गिरफ़्तार किया है जिन पर आरोप था कि उन्होंने ईरान के हमलों से जुड़े वीडियो बनाए और शेयर किए. इनमें से पांच पाकिस्तान से और एक बांग्लादेश से है (आर्काइव्ड लिंक).

मंत्रालय की ओर से 15 मार्च को वीडियो पोस्ट करने और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में फिर छह और लोगों को गिरफ़्तार करने की बात कही गई लेकिन उनकी राष्ट्रीयता नहीं बताई गई (आर्काइव्ड लिंक).

लेबनान में मौजूद एएफ़पी के पत्रकार के अनुसार, आरोपियों के नाम अरबी में हैं (आर्काइव्ड लिंक).

किसी भी बयान में "भारत के नितिन मोहन" का ज़िक्र नहीं है. बहरीन पुलिस द्वारा शेयर की गई असली तस्वीरों में बैकग्राउंड सफ़ेद है जबकि वायरल तस्वीर में अलग बैकग्राउंड दिख रहा है.

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बहरीन पुलिस द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज़ का स्क्रीनशॉट

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी 10 मार्च को X पर पोस्ट कर इस दावे को गलत बताया है (आर्काइव्ड लिंक).

गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर संदिग्ध आरोपियों की ऐसी ही तस्वीरें बहरीन के अखबारों द्वारा प्रकाशित मिलीं. ये खबरें ड्रग्स से जुड़े मामलों की थीं और इन तस्वीरों में नीले बैकग्राउंड पर “Anti Narcotics Directorate” लिखा दिखता है (आर्काइव्ड लिंक यहां, यहां, यहां).

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गलत दावे की पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर (बाएं) जिसमें एएफ़पी ने AI लेबल जोड़ा है और बहरीन मीडिया की एक X पोस्ट में असली नारकोटिक्स अरेस्ट फ़ोटो, जिसे एएफ़पी ने मार्क किया है, के स्क्रीनशॉट की तुलना

वायरल दावे के साथ शेयर की गई तस्वीर के अलग-अलग वर्ज़न में भी कई गड़बड़ियां दिखती हैं. हर तस्वीर में कपड़े और बैकग्राउंड अलग-अलग हैं, जो AI से बने होने का संकेत देते हैं.

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गलत दावे से शेयर की गई तस्वीरों के अलग-अलग एआई जेनरेटेड वर्ज़न के स्क्रीनशॉट, जिनमें एएफ़पी ने एआई लेबल जोड़ा है

Hive Moderation टूल से जांच करने पर भी पता चला कि यह तस्वीर AI से बनी हो सकती है.

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हाइव मॉडरेशन टूल की जांच के परिणाम का स्क्रीनशॉट जिसमें एएफ़पी ने एआई लेबल जोड़ा है

ईरान युद्ध से संबंधित कई अन्य फ़र्ज़ी दावों को एएफ़पी ने यहां फ़ैक्ट-चेक किया है.

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