नेतन्याहू के घर पर ईरानी हमले के दावे से शेयर किए गए वीडियो असंबंधित हैं

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने 2 मार्च को इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय को निशाना बनाने का दावा किया, लेकिन सोशल मीडिया पर शेयर किए गए दो वीडियो, जिनमें कथित तौर पर ईरानी मिसाइल हमले के बाद नेतन्याहू के घर में आग लगी दिखाई दे रही है, वास्तव में अमेरिका में फ़िल्माए गए थे. पहली वीडियो अमेरिका के न्यू जर्सी में एक घर में लगी आग का है वहीं दूसरा वीडियो 11 सितंबर, 2001 को अल-क़ायदा द्वारा अमेरिका में किए गए हमले के फ़ुटेज का है.

फ़ेसबुक पोस्ट पर 10 मार्च, 2025 को शेयर किए गए एक वीडियो के कैप्शन में लिखा है, "ब्रेकिंग: ईरान के मिसाइल हमले में नेतन्याहू के पारिवारिक घर को निशाना बनाया गया, रिपोर्ट्स के अनुसार उनके भाई इद्दो नेतन्याहू की मौत."

वीडियो में पहले एक जलता हुआ घर दिखता है, जिसके बाद इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई इद्दो की एक स्टिल तस्वीर दिखाई देती है.

समान दावे के साथ दूसरी वीडियो फ़ेसबुक पर 10 मार्च को शेयर की गई है, कैप्शन में लिखा है, "ये नेतन्याहू के घर पर हमले का ईरानी lRGC का वीडियो है हाइपरसोनिक और 7 ड्रोन के हमलों के बाद नेतन्याहू के भाई की मौत की पुष्टि की जा रही है कई इजरायली सैनिकों के भी मारे जाने की खबर है."

पोस्ट में शेयर की गई वीडियो में एक इमारत से आग और धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है.

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गलत दावे से शेयर की गई पोस्ट्स का स्क्रीनशॉट, 16 मार्च 2025, जिस पर एएफ़पी द्वारा X साइन जोड़ा गया है

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा 2 मार्च को नेतन्याहू के कार्यालय को निशाना बनाने की बात कहने के बाद, ये वीडियो इसी तरह के दावों के साथ फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और X पोस्ट्स में शेयर की गईं थी (आर्काइव्ड लिंक).

ईरान ने 28 फ़रवरी को किए गए अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हमले के जवाब में पूरे क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए (आर्काइव्ड लिंक).

ईरान की ओर से मिसाइल हमलों की चेतावनी के बाद मध्य इज़रायल में नुकसान की खबरें आई हैं, लेकिन नेतन्याहू के घर पर हमले या प्रधानमंत्री के भाई की हत्या की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं है.

न्यू जर्सी में घर में आग

घर में आग लगने के गलत दावे से शेयर की गई वीडियो के की-फ़्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने पर वही फ़ुटेज 9 फ़रवरी को फ़ेसबुक पर पोस्ट किया हुआ मिला (आर्काइव्ड लिंक).

पोस्ट का कैप्शन है, "हप्पेनिंग नाउ: पार्क प्लेस, गैलोवे, न्यू जर्सी."

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और 9 फ़रवरी के फ़ेसबुक वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

गूगल पर कीवर्ड सर्च से स्थानीय मीडिया द्वारा 10 फ़रवरी को प्रकाशित रिपोर्ट्स के अनुसार 8 फ़रवरी की रात को गैलोवे टाउनशिप में एक घर में भयानक आग लग गई थी  (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).

गूगल स्ट्रीट व्यू इमेजरी में भी जलते हुए घर के दृश्य से जगह मेल खाती है (आर्काइव्ड लिंक).

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गलत दावे से शेयर की गई वीडियो में दिख रहे घर (बाएं) और गूगल स्ट्रीट व्यू की तस्वीरों के स्क्रीनशॉट की तुलना, एएफपी द्वारा समान दृश्य हाइलाइटेड

एएफ़पी ने अरबी भाषा में भी इस दावे का फ़ैक्ट चेक किया है.

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की फ़ुटेज

दूसरी वीडियो के की-फ़्रेम्स को भी रिवर्स इमेज सर्च करने पर वह वीडियो 27 अक्टूबर, 2018 को यूट्यूब पर अपलोड किया हुआ मिला (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि यह वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) का फ़ुटेज है, जिस पर 11 सितंबर, 2001 को अल-क़ायदा द्वारा हाईजैक किए गए  विमानों  ने हमला किया था (आर्काइव्ड लिंक).

वीडियो में हमलों से संबंधित अन्य क्लिप भी शामिल हैं.

9/11 के हमलों में लगभग 3,000 लोग मारे गए जिसने अमेरिकी नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ़ वैश्विक युद्ध को जन्म दिया, जिसकी शुरुआत अफ़गानिस्तान पर हमले से हुई.

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गलत दावे से शेयर किए गए वीडियो (बाएं) और यूट्यूब वीडियो के स्क्रीनशॉट की तुलना

आगे कीवर्ड सर्च करने पर 29 जून, 2011 को गेटी इमेजेज द्वारा प्रकाशित इसी तरह का फ़ुटेज मिला (आर्काइव्ड लिंक).

एएफ़पी ने मिडिल ईस्ट युद्ध से संबंधित अन्य गलत सूचनाओं का भी फ़ैक्ट-चेक किया है.

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