ईरान में अमेरिकी सैनिकों की गिरफ़्तारी के दावे से वायरल वीडियो दरअसल एआई जेनरेटेड है
- प्रकाशित 12 मार्च 2026, 08h37
- 2 मिनट
- द्वारा एफप मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका
- अनुवाद और अनुकूलन Bill MCCARTHY, AFP USA, Akshita KUMARI
मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान में थल सेना भेजने की संभावनाओं को खारिज करने के बावजूद सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया गया कि ये ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा अमेरिकी थल-सैनिकों को बंदी बनाते दिखाता है. हालांकि वीडियो को कई एआई तस्वीरों को जोड़ कर बनाया गया है, जैसा कि दृश्य विसंगतियों और हर एक फ़्रेम में गूगल के जेमिनी एआई टूल के वॉटरमार्क से स्पष्ट होता है.
सोशल मीडिया साइट X पर 10 मार्च 2026 को शेयर किये गए पोस्ट का कैप्शन है, "Breaking News अमेरिका के चूहे जो अपने आप को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं ईरानियों के सामने घुटनों के बल बैठे हैं। ये है ईरान और इस्लाम की ताकत..."
इसी तरह की पोस्ट्स फ़ेसबुक और X जैसे अन्य प्लैटफ़ॉर्म्स पर अंग्रेज़ी के साथ-साथ अरबी, स्पैनिश, फ़्रेंच और अन्य भाषाओं में भी शेयर हुईं.
ये तस्वीरें तब सामने आईं जब 5 मार्च को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका या इज़रायल द्वारा संभावित ज़मीनी हमले "उनके लिए एक बड़ी आपदा होगी". ट्रंप ने एनबीसी न्यूज़ से बात करते हुए इस टिप्पणी को "व्यर्थ की बात" बताया (आर्काइव्ड लिंक यहां और यहां).
अमेरिकी राष्ट्रपति ने 5 मार्च को एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान में सेना भेजना "समय की बर्बादी" होगी (आर्काइव्ड लिंक).
यह युद्ध 28 फ़रवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिकी-इज़रायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में जवाबी हमलों का दौर शुरू हो गया (आर्काइव्ड लिंक).
पेंटागन के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से कुवैत में ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. लेकिन ईरानी सेना द्वारा पकड़े गए कई और सैनिकों को दिखाने वाली वीडियो फ़र्ज़ी है (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी द्वारा हर एक की-फ़्रेम्स की जांच करने पर निचले दाएं कोने में गूगल के एआई टूल जेमिनी का वॉटरमार्क देखा गया.
एएफ़पी ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाई गई वीडियो में कई विसंगतियों की पहचान की, जिनमें अजीब आकृति वाली उंगलियां, धुंधले चेहरे और सैनिकों की वर्दी का अजीब पैटर्न और पैच शामिल हैं. एक फ़्रेम में बैकग्राउंड में एक व्यक्ति के तीन हाथ देखे जा सकते हैं.
Hive Moderation टूल का उपयोग करके शेयर की जा रही वीडियो का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि वीडियो के एआई द्वारा बनाये जाने के 99 प्रतिशत संभावना है (आर्काइव्ड लिंक).
एएफ़पी ने मिडिल ईस्ट युद्ध से संबंधित अन्य गलत सूचनाओं का भी फ़ैक्ट-चेक किया है.
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